close this ads

कथा: हनुमान गाथा


हम आज पवनसुत हनुमान की कथा सुनाते हैं, पावन कथा सुनाते हैं
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं
जो रोम-रोम में सिया राम की छवि बासाते हैं, पावन कथा सुनाते हैं
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं, हम कथा सुनाते हैं

पुंजिकस्थला नाम था जिसका स्वर्ग की थी सुंदरी
वानर राज को जर के जन्मी नाम हुआ, अंजनी
कपि राज केसरी ने उससे ब्याह रचाया था
गिरी नामक संगपर क्या आनंद मंगल छाया था
राजा केसरी को अंजना का रूप लुभाया था
देख देख अंजनी को उनका मान हार्षया था
वैसे तो उनके जीवन में थी सब खुशहाली
परन्तु गोद अंजनी माता की संतान से थी खाली

अब सुनो हनुमंत कैसे पवन के पुत्र कहते हैं, पावन कथा सुनाते हैं
बजरंगबली उस महाबली की गाथा गाते है

बाकी की गाथा को जल्दी ही पूरा किया जाएगा...

Read Also:
» हनुमान जयंती - Hanuman Jayanti
» दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर!
» श्री हनुमान जी की आरती | संकट मोचन हनुमानाष्टक | श्री हनुमान चालीसा | श्री बालाजी की आरती | श्री हनुमान बाहुक | श्री हनुमान साठिका
» श्री हनुमान गाथा | भजन: राम ना मिलेगे हनुमान के बिना | भजन: बजरंगबली मेरी नाव चली

Available in English - Katha Hanuman Gatha
Hanuman Janm, Baal Hanuman, Shri Ram Milan, Lanka Aagman, Seeta Ki Khoj: Ham Aaj Pawansut Hanuman

KathaBy BhaktiBharat


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें साझा जरूर करें: यहाँ साझा करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों...

श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा 2

बोलो बृहस्पतिदेव की जय। भगवान विष्णु की जय॥ बोलो बृहस्पति देव की जय॥

भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त!

जब भगवान् राम दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राजसिंहासन पर रख कर राज्य चला रहे राजा भरत...

अनंत चतुर्दशी की पौराणिक कथा

श्रीकृष्ण की आज्ञा से युधिष्ठिर ने भी अनंत भगवान का व्रत किया जिसके प्रभाव से पांडव...

अहोई अष्टमी व्रत कथा

प्राचीन काल में किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके सात लड़के थे।

तुलसी विवाह पौराणिक कथा

एक बार शिव ने अपने तेज को समुद्र में फैंक दिया था। उससे एक महातेजस्वी बालक ने जन्म लिया। यह बालक आगे चलकर जालंधर के नाम से...

अहोई अष्टमी और राधाकुण्ड से जुड़ी कथा

बहुत समय पहले झाँसी के निकट एक नगर में चन्द्रभान नामक साहूकार रहता था। उसकी पत्नी चन्द्रिका बहुत सुंदर, सर्वगुण सम्पन्न, सती साध्वी, शिलवन्त चरित्रवान...

करवा चौथ व्रत कथा: साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी

एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी...

करवा चौथ व्रत कथा: द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई कथा!

एक बार अर्जुन नीलगिरि पर तपस्या करने गए। द्रौपदी ने सोचा कि यहाँ हर समय अनेक प्रकार की विघ्न-बाधाएं आती रहती हैं।

^
top