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कथा: हनुमान गाथा


हम आज पवनसुत हनुमान की कथा सुनाते हैं, पावन कथा सुनाते हैं
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं
जो रोम-रोम में सिया राम की छवि बासाते हैं, पावन कथा सुनाते हैं
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं, हम कथा सुनाते हैं

पुंजिकस्थला नाम था जिसका स्वर्ग की थी सुंदरी
वानर राज को जर के जन्मी नाम हुआ, अंजनी
कपि राज केसरी ने उससे ब्याह रचाया था
गिरी नामक संगपर क्या आनंद मंगल छाया था
राजा केसरी को अंजना का रूप लुभाया था
देख देख अंजनी को उनका मान हार्षया था
वैसे तो उनके जीवन में थी सब खुशहाली
परन्तु गोद अंजनी माता की संतान से थी खाली

अब सुनो हनुमंत कैसे पवन के पुत्र कहते हैं, पावन कथा सुनाते हैं
बजरंगबली उस महाबली की गाथा गाते है

बाकी की गाथा को जल्दी ही पूरा किया जाएगा...

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KathaBy BhaktiBharat


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