ॐ जय चामुण्डा माता मैया जय चामुण्डा माता
शरण आए जो तेरे सब कुछ पा जाता॥ ॥
ॐ जय चामुण्डा माता…॥
चण्ड-मुण्ड दो राक्षस हुए हैं बलशाली
उनको तुमने मारा क्रोध दृष्टि डाली॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
चौंसठ योगिनी आकर तांडव नृत्य करें
बावन भैरव झूमे विपदा आन हरे॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
शक्ति धाम कहलाती पीछे शिव मंदिर
ब्रह्मा, विष्णु, नारद मंत्र जपें अंदर॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
सिंहराज यहाँ रहते घंटा ध्वनि बाजे
निर्मल धारा जल की वंडेर नदी साजे॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
क्रोध रूप में खप्पर खाली नहीं रहता
शांत रूप जो ध्यावे आनंद भर देता॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
हनुमत बाला योगी ठाढ़े बलशाली
कारज पूरण करती दुर्गा महाकाली॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
रिद्धि-सिद्धि देकर जन के पाप हरे
शरणागत जो होता आनंद राज्य करे॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
शुभ गुण मंदिर वाली ‘ॐ’ कृपा कीजै
दुख जीवन के संकट आकर हर लीजै॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥
ॐ जय चामुण्डा माता मैया जय चामुण्डा माता
शरण आए जो तेरे सब कुछ पा जाता॥
॥ॐ जय चामुण्डा माता…॥ ॥
इति चामुण्डा माता आरती संपूर्णम्॥