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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नवरात्रि कैसे मनाते हैं? (How Prime Minister Narendra Modi Celebrate Navratri?)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नवरात्रि कैसे मनाते हैं?
ABP न्यूज का सवालः आपने रात्रि का जिक्र किया, नवरात्रि शुरू होने वाले हैं। बहुत सारी रैलियां हैं। आप इस बार भी व्रत रखेंगे ?
नरेंद्र मोदी का जवाबः मैं करीब 40-45 सालों से कर रहा हूं तो मेरी कोशिश रहती है कि उसे निभाऊं। कठिन होता है, लेकिन ये वाली नवरात्रि उतनी कठिन नहीं होती है, जितना मेरा सितंबर-अक्टूबर वाला होती है। ये थोड़ा सरल होता है लेकिन गर्मी बहुत होती है, लेकिन मैं जमा लूंगा मामला।
ABP न्यूज का सवालः क्या आप नवरात्रि में कुछ नहीं खाते हैं ? पूरी तरह उपवास करते हैं?
नरेंद्र मोदी का जवाबः जी नहीं।

ABP न्यूज का सवालः तो फिर आप कैसे कह रहे हैं कि इसमें आपको कम थकान होती है ? उसमें क्या ज्यादा कठिन तपस्या होती है ? इसमें कम होती है व्रत की?
नरेंद्र मोदी का जवाबः ऐसा है कि जो सितंबर-अक्टूबर में नवरात्रि होती है उसमें मेरा समय थोड़ा व्यक्तिगत साधना वगरैह में जाता है। इसमें मुझे उतना समय नहीं देना पड़ता है क्योंकि इसका टाइम-टेबल मेरा थोड़ा अलग होता है। उसमें मैं सिर्फ पानी लेता हूं और कुछ नहीं लेता। इसमें ऐसा नहीं है। इसमें मैं, मान लीजिए कि मैं तय करूं कि इस नवरात्रि को मैं पपीता लूंगा तो पपीते के अलावा मैं किसी चीज को हाथ नहीं लगाता हूं। तो ऐसे एक चीज तय करता हूं और उसके आधार पर चलता हूं।

ABP न्यूज का सवालः तो क्या आपने इस बार तय कर लिया है?
नरेंद्र मोदी का जवाबः वो करुंगा मैं, वो पब्लिक का विषय नहीं होता है।

- From abpnews।abplive.in

चैत्र नवरात्रि 2026 तिथि

Chaitra Navratri 2026 Dates
दिन तिथि नवरात्रि में देवी के नाम रँग
19 मार्च अमावस्या माता शैलपुत्री पूजा, नवरात्रि घटस्थापना, नववर्ष पीला
20 मार्च द्वितीया माता ब्रह्मचारिणी पूजा, चेटी चंड हरा
21 मार्च तृतीया माता चंद्रघंटा पूजा, मत्स्य जयन्ती, गणगौर स्लेटी
22 मार्च चतुर्थी माता कुष्मांडा पूजा नारंगी
23 मार्च पंचमी माता स्कंद माता पूजा, लक्ष्मी पंचमी सफ़ेद
24 मार्च षष्ठी माता कात्यायनी पूजा, यमुना छठ लाल
25 मार्च सप्तमी माता कालरात्रि पूजा गहरा नीला
26 अप्रैल अष्टमी माता महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी, अन्नपूर्णा अष्टमी गुलाबी
27 मार्च नवमी माता सिद्धिदात्री पूजा, राम नवमी, नवरात्रि पारण, स्वामीनारायण जयंती बैंगनी
माता के भजन | दुर्गा चालीसा | माता आरती | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | नवरात्रि विशेष | दिल्ली में माता रानी के मंदिर

How Prime Minister Narendra Modi Celebrate Navratri? in English

A question of ABP News: You’ve mentioned about the night, Navaratri is about to begin. There are a lot of rallies. Will you keep the fast this time as well?
यह भी जानें

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भगवान जगन्नाथ के अलग-अलग बेश?

बेश एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है पोशाक, पोशाक या पहनावा। 'मंगला अलाती' से 'रात्रि पहुड़' तक प्रतिदिन, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की 'रत्नवेदी' पर देवताओं को सूती और रेशमी कपड़ों, कीमती पत्थरों से जड़े सोने के आभूषणों, कई प्रकार के फूलों और अन्य पत्तियों और जड़ी-बूटियों से सजाया जाता है। जैसे तुलसी, दयान, मरुआ आदि। चंदन का लेप, कपूर और कभी-कभी कीमती कस्तूरी का उपयोग दैनिक और आवधिक अनुष्ठानों में किया जाता रहा है।

भगवान अलारनाथ की कहानी: श्री जगन्नाथ कथा

अनासार के दौरान जब भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं, तब अलारनाथ मंदिर परिसर मे भगवान को खीर का भोग लगाया जाता है तथा साथ ही साथ भक्तों को भी यही भोग भेंट किया जाता है।

क्यों महाप्रभु एक दिन में मौसी माँ के घर नहीं पहुँच पाते?

धार्मिक परंपरा, रीति-रिवाजों के महत्व और व्यावहारिक कारणों से पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा आमतौर पर एक दिन में गुंडिचा मंदिर नहीं पहुँचती है।

जगन्नाथ मंदिर प्रसाद को 'महाप्रसाद' क्यों कहा जाता है?

जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के तीन रथ

रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा का वार्षिक रथ उत्सव है। वे तीन अलग-अलग रथों पर यात्रा करते हैं और लाखों लोग रथ खींचने के लिए इकट्ठा होते हैं।

पुरी रथ यात्रा से जुड़े 10 कम ज्ञात और रोचक तथ्य

पुरी रथ यात्रा विश्व के सबसे प्राचीन और विशाल धार्मिक उत्सवों में से एक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दिव्य रथों के दर्शन करने के लिए पुरी पहुँचते हैं।

भगवान जगन्नाथ का नीलाद्रि बीजे अनुष्ठान क्या है?

नीलाद्रि बीजे, वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के अंत और भगवान जगन्नाथ की गर्भगृह में वापसी को चिह्नित करता है या फिर आप भगवान जगन्नाथ और उनकी प्यारी पत्नी माँ महालक्ष्मी के बीच एक प्यारी सी कहानी बता सकते हैं।

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