अरज सुणो बनवारी - भजन (Araj Suno Banwari)


अरज सुणो बनवारी सांवरियां म्हारी,
अरज सुणो बनवारी,
अरज सुनो गिरधारी सांवरिया म्हारी,
अरज सुनो गिरधारी ॥
श्वास श्वास मे थारे सुमीरु दाता,
भूलों मति बनवारी,
भुल गया तो रे,
लाज जावेगी,
हँसी होवेगी घणी थारी,
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी ॥

माया नागणि कियो है कुन्डालो दाता,
ईण ते बेगी उबारो,
मोह माया ने रे,
जाल फसायो,
अब सुध लेवो बनवारी,
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी ॥

मै मतिहीन हूँ कछु नही दाता,
आयो शरण तिहारि,
भवसागर में रे,
घणो दुख पायो,
अब की पार उतारो,
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी ॥

आगे संत अनंत ऊबारया दाता,
अबकी बारी हमारी,
दास मलूक कहे रे,
भूली मति जाजौ,
म्हणे तो भरोसों बड़ो भारी,
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी ॥

अरज सुणो बनवारी सांवरियां म्हारी,
अरज सुणो बनवारी,
अरज सुनो गिरधारी सांवरिया म्हारी,
अरज सुनो गिरधारी ॥
Araj Suno Banwari - Read in English
Araj Suno Banwari Sanwariyan Mhari, Araj Suno Banwari, Araj Suno Giridhari Sanwariya Mhari, Araj Suno Giridhari ॥
Bhajan Shri Vishnu BhajanShri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Shayam Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

नवीनतम भजन ›

देवा हो देवा गणपति देवा - भजन

देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन ॥

तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति - भजन

मानिये पहले गजानन, गजवदन हे गणपति, जिसने भी दिल से पुकारा, दुखहरण हे गणपति, जिसने भी दिल से पुकारा, दुखहरण हे गणपति, तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति ॥

अपना है सेठ गणपति लाला: भजन

शिव शंकर सूत देव गणपति, देवो में बलकारी, सबसे पहले तेरा सुमिरण, करती दुनिया सारी, देवो में देव है निराला, अपना है सेठ गणपति लाला, अपना है सेठ गणपति लाला ॥

गौरी के लाड़ले - भजन

गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान, करता है सबसे पहले, पूजा तेरी जहान, गौरी के लाडले, महिमा तेरी महान ॥

पधारों म्हारे अंगना जी - भजन

आओ आओ गणपति महाराज, पधारों म्हारे अंगना जी, कबसे रस्ता रहे है निहार, कबसे रस्ता रहे है निहार, पधारों म्हारे अंगना जी, आओ आओ देवों के सरताज, पधारों म्हारे अंगना जी ॥