जिन्हां दे शंकर हों सहाई - भजन (Jihna De Shankar Hon Sahayi)


जिन्हां दे शंकर हों सहाई
जेहड़े, शिव मंदिर विच आवंदे,
शंकर, जी दा नाम ध्यावंदे ॥
ओहो भगत ने मुक्ति पावंदे,
जिहड़े भगत निराले ने,
जिन्हां दे, शंकर, हों सहाई,
किन्ने, किस्मत वाले ने ॥
bhakti bharat lyrics

एथे, कष्ट कटाए जांदे,
एथे, भाग जगाए जांदे ।
एथे, दुनिया दे, बाली नाल,
सब दे, तार मिलाए जांदे ॥
एथे, जनमां तो, बंद किस्मत दे,
खुल जांदे ताले ने,
जिन्हां दे, शंकर, हों सहाई,
किन्ने, किस्मत वाले ने ॥

सोहणे, मंदिर सजा लिए ने ॥
दरस, जो पावण प्रभू दा,
किन्ने, किस्मत वाले ने ॥
जिन्हां दे, शंकर, हों सहाई,
किन्ने, किस्मत वाले ने ॥

महादेव दे, दर्शन कर लो,
आ के, खाली झोली भर लो ।
एथे, दुनिया, तर गई ऐनी,
भव सागर तो, तुसीं वी तर लो ॥
डोरी, शिव शंकर ते, छड्ड लो ॥
रोशन, खुद रखवाले ने,
जिन्हां दे, शंकर, हों सहाई,
किन्ने, किस्मत वाले ने ॥

घर-वार, वसा दियो जी ॥
प्रभू मेरी, अरज़ सुनो,
कारोबार, चला दियो जी ॥
जिन्हां दे, शंकर, हों सहाई,
किन्ने, किस्मत वाले ने ॥
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