रघुवीर को, प्रणाम हमारा कह देना - भजन (Raghuvir Ko Pranam Hamara Keh Dena)


ओ जाने वाले रघुवीर को,
प्रणाम हमारा कह देना
प्रणाम हमारा कह देना,
सीताराम हमारा कह देना ॥
श्री राम की माता कौशल्या,
और दशरथ धीरज धारी को,
श्री भरत की माता केकयी को,
प्रणाम हमारा कह देना ॥

श्री भरत शत्रुघ्न भैया को,
और छोटी मात सुमित्रा को,
श्री सीता जनक दुलारी को,
प्रणाम हमारा कह देना ॥

श्री हनुमान बल सुग्रीव को,
और सारी अंगद सेना को,
श्री पूरी अयोध्या नगरी को,
प्रणाम हमारा कह देना ॥

श्री राम चंद्र अवतारी को,
और लक्ष्मण धनुवा धारी को,
श्री लवकुश आज्ञाकारी को,
प्रणाम हमारा कह देना ॥

श्री बल्मीकि रामायण को,
और चारो वेद पुराणों को,
श्री गीता मात कल्याणी को,
प्रणाम हमारा कह देना ॥
Raghuvir Ko Pranam Hamara Keh Dena - Read in English
O Jane Wale Raghuvir Ko, Pranam Hamara Kah Dena Pranam Hamara Kah Dena, Sitaram Hamara Kah Dena ॥
Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navmi BhajanHanuman Janmotsav BhajanBhagwan Ram Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हारा हूँ बाबा बस तुझपे भरोसा है - भजन

हारा हूँ बाबा बस तुझपे भरोसा है, जीतूंगा एक दिन, मेरा दिल ये कहता है, मेरे मांझी बन जाओ, मेरी नाव चला जाओ..

सुनो सुनो हनुमान जी, एक जरुरी काम जी: भजन

सुनो सुनो हनुमान जी, एक जरुरी काम जी, राम प्रभु से करवा द्यो, भगता की पहचान जी, राम प्रभु से करवा द्यो,
भगता की पहचान जी ॥

राम दुलारे है, अंजनी के प्यारे है: भजन

राम दुलारे है, अंजनी के प्यारे है, भक्तो के बिगड़े काम, पल में सँवारे है, जय हो तुम्हारी हनुमान, माँ अंजनी के लाला ॥

सुनलो बाबा बजरंगी, मैं कैसे तुझे रिझाऊं: भजन

सुनलो बाबा बजरंगी, मैं कैसे तुझे रिझाऊं, चरणों में मुझे बिठा लो, मैं तुमसे इतना चाहूँ, राम सियाराम सियाराम सियाराम,
राम सियाराम सियाराम सियाराम ॥

प्रार्थना है यही मेरी हनुमान जी: भजन

प्रार्थना है यही मेरी हनुमान जी, मेरे सर पर भी अब हाथ धर दीजिए, राम सीता का दर्शन कराके मुझे, मेरे सपने को साकार कर दीजिए,
प्रार्थना हैं यही मेरी हनुमान जी, मेरे सर पर भी अब हाथ धर दीजिए ॥