श्री कृष्ण जन्मभूमि - Shri Krishna Janmabhoomi

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ भगवान श्री कृष्ण का जन्म स्थान है।
◉ 2 रुपये में क्लॉक रूम की सुविधा उपलब्ध है।
◉ मंदिर में इलेक्ट्रॉनिक सामान, चाबियाँ, हथियार, इलेक्ट्रॉनिक कार की चाबियाँ ले जाना प्रतिबंधित है।
श्री कृष्ण जन्मभूमि, जिसे कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर के नाम से भी जाना जाता है, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा में स्थित एक अत्यंत पूजनीय हिंदू तीर्थ स्थल है। ऐसा माना जाता है कि यह हिंदू धर्म में सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान है। मथुरा हिंदू धर्म के सात पवित्र नगरों - सप्त पुरियों - में से एक है।

कृष्ण जन्मभूमि का इतिहास:
परंपरा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म लगभग 3,000 ईसा पूर्व में यहीं हुआ था। ऐसा माना जाता है कि उनके जन्मस्थान को चिह्नित करने वाला एक मंदिर छठी शताब्दी ईसा पूर्व से ही अस्तित्व में था।

❀ यह मंदिर परिसर उस कारागार (कंस की कालकोठरी) के चारों ओर बना है जहाँ भगवान श्री कृष्ण की माता देवकी ने उन्हें जन्म दिया था।
❀ यह स्थल कृष्ण के जन्मोत्सव, जन्माष्टमी के दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है।

श्री कृष्ण जन्मभूमि दर्शन का समय:
मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है। दर्शन का समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 9:30 बजे तक है।

कृष्ण जन्मभूमि की प्रमुख विशेषताएँ:
❀ गर्भगृह: कहा जाता है कि यह कृष्ण के वास्तविक जन्मस्थान का प्रतीक है।
❀ केशव देव मंदिर: परिसर के भीतर भगवान कृष्ण को समर्पित एक अलंकृत मंदिर।
❀ भागवत भवन मंदिर - मंदिर का निर्माण 11 फरवरी 1965 को शुरू हुआ था और देवताओं की स्थापना समारोह 12 फरवरी 1982 को आयोजित किया गया था। इसमें पांच मंदिर शामिल हैं: मुख्य मंदिर जिसमें राधा और कृष्ण की 180 सेंटीमीटर (6 फीट) ऊंची जोड़ी है; दाहिनी ओर बलराम, सुभद्रा और जगन्नाथ का मंदिर; बाईं ओर राम, लक्ष्मण और सीता का मंदिर; जगन्नाथ मंदिर के सामने गरुड़ स्तम्भ (स्तंभ) और चैतन्य महाप्रभु और राम मंदिर के सामने हनुमान; दुर्गा का मंदिर और शिवलिंग वाला मंदिर है।
❀ पोतरा कुंड - जन्मस्थान मंदिर के दक्षिण-पूर्व में एक विशाल और गहरा सीढ़ीनुमा जलकुंड, पोतरा कुंड या पवित्र कुंड है, कहा जाता है कि इसका उपयोग बाल कृष्ण के जन्म के बाद उनके प्रथम स्नान के लिए किया गया था। इस कुंड का निर्माण महादजी सिंधिया ने 1782 में करवाया था।

कृष्ण जन्मभूमि दर्शन के सुझाव:
❀ समय: आमतौर पर सुबह से शाम तक खुला रहता है; मौसम के अनुसार समय बदल सकता है।
❀ सुरक्षा: स्थल की संवेदनशील प्रकृति के कारण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था; मोबाइल फोन, कैमरा और बैग अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है।
❀ दर्शन का सबसे अच्छा समय: जन्माष्टमी (अगस्त/सितंबर) या होली के दौरान, जब मथुरा विशेष रूप से जीवंत हो जाता है।

श्री कृष्ण जन्मभूमि और उससे सटी शाही ईदगाह जटिल कानूनी और सांस्कृतिक बहस के केंद्र में हैं। जिसे कभी भगवान कृष्ण के जन्म स्थल के रूप में पूजा जाता था।
प्रचलित नाम: कृष्णा जन्मस्थान, केशव देव मंदिर, भागवत भवन, पोतरा कुंड
Shri Krishna Janmabhoomi - Read In English
Shri Krishna Janmabhoomi, also known as Krishna Janmasthan Temple Complex, is a highly revered Hindu pilgrimage site located in Mathura, India in the state of Uttar Pradesh.

जानकारियां - Information

दर्शन समय
5 AM - 9:30 PM
मंत्र
Hare Krishna, Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare, Hare Rama, Hare Rama Rama Rama Hare Hare
त्योहार
Janmashtami, Holi, Radhashtami | यह भी जानें: एकादशी
बुनियादी सेवाएं
Prasad, Drinking Water, Parking
धर्मार्थ सेवाएं
Gaushala
संस्थापक
भगवान श्री कृष्ण के पोते वज्रनाभ द्वारा निर्मित
स्थापना
Before 5000 AD
देख-रेख संस्था
Shri Krishna Janmasthan Seva Sansthan
समर्पित
Shri Krishna
फोटोग्राफी
🚫 नहीं (मंदिर के अंदर तस्वीर लेना अ-नैतिक है जबकि कोई पूजा करने में व्यस्त है! कृपया मंदिर के नियमों और सुझावों का भी पालन करें।)

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Shri Krishna Janam Bhumi Mathura Uttar Pradesh
मेट्रो 🚇
सड़क/मार्ग 🚗
Mandi Ramdas Road / Daresi Road / NH2-Bhuteshwar Road >> Mathura Vrindavan Road (Near Deeg Gate Chouraha)
रेलवे 🚉
Kosi Kalan
वेबसाइट 📡
सोशल मीडिया
निर्देशांक 🌐
27.5054452°N, 77.667034°E

फोटो प्रदर्शनी - Photo Gallery

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Updated: Aug 16, 2025 06:36 AM

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