भज गौरांग कहो गौरंग (Bhaja Gauranga Kaha Gauranga)


इस गीत में कहा गया है की जे जन गौरांग भजे, जो लोग गौरांग को भजते हैं, वह लोग, वह भक्त, वह गौर भक्त आप सभी हमारे प्राण है। राधा कृष्ण को भजने वाले जो भक्त हैं, जो गौरांग प्रभु को भजने वाले भक्त हैं, वह मेरे प्राण है। यह भी और उचा सत्य हुआ और भी अधिक गोपनीय प्रसंग हुआ जो राधा कृष्ण तो मेरे प्राण है ही किंतु राधा कृष्ण को भजने वाले जो भक्त है वह भी मेरे प्राण है।
भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे
जेई जन गौरांग भजे से होय अमार प्रांण रे ॥

भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे
गौरांग भजले गौरांग जपले होय दुखयरो अवोशान रे
भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे ॥

गौरांग वोलिया दु बाहु तूलिया नाचिया नाचिया वेड़ाव रे
भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे ॥

हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ॥
Bhaja Gauranga Kaha Gauranga - Read in English
Bhaj Gaurang Kaho Gaurang, Laho Gauranger Naam Re, Jee Jan Gaurang Bhaje, Se Hoye Amar Praan Re ॥
भावार्थ:
Mantra Bhaja Gauranga MantraChaitanya MantraNityananda MantraShri Vishnu MantraNarayan MantraMangalam MantraShri Hari MantraShri Ram MantraShri Krishna Mantra
अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

भज गौरांग कहो गौरंग

भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे, जेई जन गौरांग भजे से होय अमार प्रांण रे ॥

वक्रतुण्ड महाकाय - गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

गजाननं भूत गणादि सेवितं - गणेश मंत्र

गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्। उमासुतं शोक विनाशकारकम्...

ऋणमुक्ति श्री गणेश स्तोत्रम्

ॐ अस्य श्रीऋणविमोचनमहागणपति-स्तोत्रमन्त्रस्य, शुक्राचार्य ऋषिः ऋणविमोचनमहागणपतिर्देवता

गौरीनन्दन गजानना: मंत्र

गौरीनन्दन गजानना, गिरिजानन्दन निरञ्जना, पार्वतीनन्दन शुभानना...