इस गीत में कहा गया है की जे जन गौरांग भजे, जो लोग गौरांग को भजते हैं, वह लोग, वह भक्त, वह गौर भक्त आप सभी हमारे प्राण है। राधा कृष्ण को भजने वाले जो भक्त हैं, जो गौरांग प्रभु को भजने वाले भक्त हैं, वह मेरे प्राण है। यह भी और उचा सत्य हुआ और भी अधिक गोपनीय प्रसंग हुआ जो राधा कृष्ण तो मेरे प्राण है ही किंतु राधा कृष्ण को भजने वाले जो भक्त है वह भी मेरे प्राण है।
भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे
जेई जन गौरांग भजे से होय अमार प्रांण रे ॥
भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे
गौरांग भजले गौरांग जपले होय दुखयरो अवोशान रे
भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे ॥
गौरांग वोलिया दु बाहु तूलिया नाचिया नाचिया वेड़ाव रे
भज गौरांग कहो गौरांग लहो गौरांगेर नाम रे ॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ॥