Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

गजाननं भूत गणादि सेवितं - गणेश मंत्र (Gajananam Bhoota Ganadhi Sevitam)


गजाननं भूत गणादि सेवितं - गणेश मंत्र
गजाननं भूत गणादि सेवितं,
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् ॥
मंत्र का मूल रूप:
गजाननं भूतगणाधिसेवितं,
कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् ।
उमासुतं शोकविनाशकारकम्न,
मामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥

Gajananam Bhoota Ganadhi Sevitam in English

Gajananam Bhoota Ganadi Sevitam, Kapittha Jammbu Phala Charu Bhakshanam । Umasutam Shoka Vinasha karakam...
यह भी जानें

Mantra Shri Ganesh MantraGanpati MantraGaneshutsav Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री बुध देव जी के मंत्र

प्रियंगुकलिकाश्यामं रुपेणाप्रतिमं बुधम । सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम ।।

राहु मंत्र

ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम: ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

पार्वती वल्लभा अष्टकम्

नमो भूथ नाधम नमो देव देवं, नाम कला कालं नमो दिव्य थेजं, नाम काम असमं, नाम संथ शीलं...

शम्भु स्तुति - नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं

नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥..

शंख पूजन मन्त्र

शंख को पूजा कार्य मे सम्लित करने हेतु, निम्न लिखित मंत्र का जप करना चाहिए।..

अयमात्मा ब्रह्म महावाक्य

अयमात्मा ब्रह्म भारत के पुरातन हिंदू शास्त्रों व उपनिषदों में वर्णित महावाक्य है, जिसका शाब्दिक अर्थ है यह आत्मा ब्रह्म है।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP