Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

गौरीनन्दन गजानना: मंत्र (Gauri Nandana Gajanana)


गौरीनन्दन गजानना: मंत्र
गौरीनन्दन गजानना
गौरीनन्दन गजानना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
पार्वतीनन्दन शुभानना
पार्वतीनन्दन शुभानना
शुभानना शुभानना
शुभानना शुभानना
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम्‌
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम्‌ ॥
गौरीनन्दन गजानना
गौरीनन्दन गजानना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
पार्वतीनन्दन शुभानना
पार्वतीनन्दन शुभानना
शुभानना शुभानना
शुभानना शुभानना
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम्‌
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम्‌ ॥

Gauri Nandana Gajanana in English

Gauri Nandana Gajanana, Girija Nandana Niranjanaa, Parvati Nandana Shubhananaa...
यह भी जानें

Mantra Shri Ganesh MantraShri Vinayak MantraGanpati MantraGanpati Bappa MantraGaneshotsav MantraGajanan MantraGanesh Chaturthi MantraPancharatnam Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

श्री दुर्गा देवी स्तोत्रम्

श्री युधिष्ठिर विरचितं | श्रीगणेशाय नमः । श्री दुर्गायै नमः । नगरांत प्रवेशले पंडुनंदन । तो देखिले दुर्गास्थान । धर्मराज करी स्तवन । जगदंबेचे तेधवा ॥

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते, गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् नवरात्रि के दौरान माता रानी का सबसे ज्यादा सुना और पढ़ा जाने वाला संस्कृत श्लोक है

भगवान अय्यप्पन की अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ महाशास्त्रे नमः। ॐ महादेवाय नमः।

तन्त्रोक्तम् रात्रि सूक्तम्

ॐ विश्वेश्वरीं जगद्धात्रीं स्थितिसंहारकारिणीम्। निद्रां भगवतीं विष्णोरतुलां तेजसः प्रभुः॥1॥

अर्गला स्तोत्रम्

ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥1॥

श्री कालिकाष्टकम्

गलद्रक्तमुण्डावलीकण्ठमालामहोघोररावा सुदंष्ट्रा कराला। विवस्त्रा श्मशानालया मुक्तकेशीमहाकालकामाकुला कालिकेयम्

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP