Shri Hanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

महोदया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: एक सच्ची ईश्वर विश्वासी महिला (Madam President Draupadi Murmu: A True Bhagwan Believer Lady)

महोदया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो भारत के निर्वाचित राष्ट्रपति हैं। वह अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से संबंधित पहली व्यक्ति हैं जिन्हें भारत का राष्ट्रपति चुना गया है। एक राजनेता से ज्यादा वह एक सच्चे ईश्वर विश्वासी हैं।
आगामी लोगों की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू:
द्रौपदी मुर्मू का जन्म ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर के एक संताली परिवार में हुआ था।

अपने एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "मैंने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैंने अपने दो बेटों और पति को खो दिया है। मैं पूरी तरह से तबाह हो गई थी। लेकिन केवल भगवान ने मुझे लोगों की सेवा करना जारी रखने की ताकत दी है।" अपने पति और दो बेटों की मृत्यु के बाद वह ब्रह्मकुमारी संप्रदाय की अनुयायी बन गईं।

श्री मुर्मू को ओडिशा के विभिन्न मंदिरों में प्रार्थना करते देखना काफी स्वाभाविक है। वह जब भी अपने गाँव रैरंगपुर यात्रा करती थीं तो शिव मंदिर में झाड़ू लगाके भगवन के प्रति अपनी प्राथर्ना दरसा ती थी और राष्ट्रपति चुनाब के परिणाम के बाद वह आभार ब्यक्त करने के लिए हौज खास जगन्नाथ मंदिर, दिल्ली दर्शन करने गयी थी।

राजनीति में प्रवेश करने से पहले द्रौपदी मुर्मू ने एक टीचिंग करियर के रूप में अपना पेशा शुरू किया। मुर्मू ने श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, रायरंगपुर में सहायक प्रोफेसर के रूप में और ओडिशा सरकार के सिंचाई विभाग में एक कनिष्ठ सहायक के रूप में काम किया।

श्रीमती मुर्मू सबसे बड़ी समाजवादी भी हैं; उन्होंने अपना पुश्तैनी घर एक ट्रस्ट को दान कर दिया और एक मुफ्त स्कूल चलाती है। उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद अपनी आंखों को दान करने की भी घोषणा की है। उन्होंने हमेशा अपने समुदाय के लिए बहुत मेहनत की है, भले ही वह एक आदिवासी समूह की सदस्य है, और इसने उसे काफी पहचान दिलाई है।

Madam President Draupadi Murmu: A True Bhagwan Believer Lady in English

Madam President Draupadi Murmu, is an Indian politician who is the elected President of India. He is the first person belonging to the Scheduled Tribe (ST) community to be elected the President of India. More than a politician, he is a true believer in Bhagwan.
यह भी जानें

Blogs Darupadi Murmu BlogsPresident Election BlogsFirst Tribal President BlogsPresident Draupadi Murmu Blogs2022 President Election BlogsJagannath Temple Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

हनुमान जयंती विशेष 2026

चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन सभी हनुमान भक्त श्री हनुमान जन्मोत्सव अर्थात हनुमान जयंती बड़ी धूम-धाम से मानते हैं।

अमेरिका के सबसे ऊंची हनुमान मूर्ति

अमेरिका, डेलावेयर हॉकेसिन के महालक्ष्मी मंदिर में 25 फीट की सबसे ऊंची हनुमान मूर्ति स्थापित गयी है, जो की तेलंगाना के वारंगल से लाया गया है। यह देश में एक हिंदू भगवान की सबसे ऊंची मूर्ति है और इसे काले ग्रेनाइट के एक ही पत्थर से उकेरा गया है। इस 30,000 किलो वजन हनुमान प्रतिमा को पूरा होने में एक साल से अधिक का समय लगा है।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

चैत्र नवरात्रि विशेष 2026

हिंदू पंचांग के प्रथम माह चैत्र मे, नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि पर्व में व्रत, जप, पूजा, भंडारे, जागरण आदि में माँ के भक्त बड़े ही उत्साह से भाग लेते है। Navratri Dates 19th March 2026 and ends on 27th April 2026

हर घर तिरंगा - ब्लॉग

'हर घर तिरंगा' आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में लोगों को तिरंगा घर लाने और भारत की आजादी के 75 वें वर्ष को चिह्नित करने के लिए इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करने वाला एक अभियान है।

ब्रम्हा मुहूर्त क्या होता है?

वेदों में ब्रह्म मुहूर्त को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में निद्रा त्यागने से विद्या, बुद्दि, स्वास्थ्य और बल प्राप्त होते हैं। किसी भी काम ब्रह्म मुहूर्त में शुरू करना बहुत उत्तम माना गया है।

समाधि क्या है? भू-समाधि और जल-समाधि में अंतर बताइए?

हिंदू धार्मिक परंपराओं में संत या गुरु के रूप में माने जाने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए समाधि स्थलों को अक्सर इस तरह से बनाया जाता है, जिसमें कहा जाता है कि ऐसी आत्माएं महा समाधि में चली गई थीं, या मृत्यु के समय पहले से ही समाधि में थीं।

Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan

मंदिर

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP