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ISKCON (ISKCON)

ISKCON

ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा स्थापित इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) के अनुयाई गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय से सम्वन्धित माने जाते हैं। इस संप्रदाय के भक्त भगवान श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं। इनके द्वारा गाये जाने वाले भजन, मंत्र एवं गीतों का कुछ संग्रह यहाँ सूचीबद्ध किया गया है, सभी सनातनी परम्परा के भक्त इसका आनंद लें।

भक्ति-भारत की टीम दिल्ली मे स्थापित लगभग सभी इस्कॉन मंदिरों मे दर्शन हेतु पहुँची है, तथा इन सभी मंदिरों का सरल भाषा में वर्णन करने का प्रयास किया है।
ISKCON त्यौहार, उत्सव:
ISKCON एकादशी कैलेंडर 2022
एकादशी
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
हल षष्ठी
जगन्नाथ रथ यात्रा
गोपाष्टमी
राम नवमी
नृसिंह जयंती
राधाष्टमी

ISKCON भजन:
नृसिंह आरती
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं
कृष्ण जिनका नाम है
यशोमती नन्दन बृजबर नागर
जय राधे, जय कृष्ण, जय वृंदावन
श्री राधिका स्तव
श्री कृष्ण भजन
श्री राम भजन

ISKCON मंत्र:
मधुराष्टकम्: अधरं मधुरं वदनं मधुरं
श्रील प्रभुपाद प्रणति
श्री पंच-तत्व प्रणाम मंत्र
श्री श्रीगुर्वष्टक
श्री दशावतार स्तोत्र: प्रलय पयोधि-जले
दामोदर अष्टकम

ISKCON मंदिर:
इस्कॉन वृंदावन
इस्कॉन मंदिर दिल्ली
दिल्ली के प्रसिद्ध ISKCON मंदिर

ISKCON in English

ome collection of hymns, mantras and songs sung by them is listed here, all the devotees of the Sanatani tradition enjoy it.
यह भी जानें

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विजयदशमी स्पेशल

शारदीय नवरात्रि वर्ष 2022 में 26 सितम्बर से प्रारंभ हो रही है। आइए जानें! ऊर्जा से भरे इस उत्सव के जुड़ी कुछ विशेष जानकारियाँ, आरतियाँ, भजन, मंत्र एवं रोचक कथाएँ त्वरित(quick) लिंक्स के द्वारा...

राम नवमी का महत्व क्या है?

राम नवमी को भगवान राम के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

मैसूर दशहरा

मैसूर दशहरा 10 दिनों तक चलने वाला त्योहार है जो बहुत ही धूमधाम के साथ मैसूर में मनाया जाता है | मैसूर दशहरा कैसे मनाया जाता है? | मैसूर दशहरा महोत्सव 2022 कब शुरू होगा

आयुध पूजा

आयुध पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत और देवी दुर्गा द्वारा राक्षस महिषासुर के विनाश के उत्सव का प्रतीक है। इसे नवरात्रि उत्सव के हिस्से के रूप में मनाया जाता है। आयुध पूजा के लिए, देवी सरस्वती, पार्वती माता और लक्ष्मी देवी को पूजा जाता है। दक्षिण भारत में विश्वकर्मा पूजा के समान लोग अपने उपकरणों और शस्त्रों की पूजा करते हैं।

कोलकाता का दुर्गा पूजा समारोह

कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव का माहौल कुछ अलग ही होता है। यहाँ की दुर्गा पूजा विश्व प्रसिद्ध है और इसे 2021 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की यूनेस्को की प्रतिनिधि सूची में भी शामिल किया गया था। हर साल, कोलकाता दुर्गा पूजा पंडालों में एक नई थीम लाता है, जो अपने तरीके से अद्वितीय और अभिनव हैं।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि

नवरात्रि में विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही अष्टमी और नवमी तिथि को बहुत ही खास माना जाता है, क्योंकि इन दिनों कन्या पूजन का भी विधान है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि में कन्या की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है। इससे मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

दुर्गा पूजा धुनुची नृत्य

धुनुची नृत्य नाच दुर्गा पूजा के दौरान किया जाने वाला एक भक्ति नृत्य है और यह बंगाल की पारंपरिक नृत्य है। मां दुर्गा को धन्यवाद प्रस्ताव के रूप में पेश किया जाने वाला नृत्य शाम की दुर्गा आरती में ढाक बाजा, उलू ध्वनि की ताल पर किया जाता है।

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