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पिछला साल 2021 | हेप्पी न्यू ईयर 2022 (Recap 2021 | Happy New Year 2022)

पिछला साल 2021 | हेप्पी न्यू ईयर 2022
Recap 2021 | Happy New Year 2022
पिछला साल 2021 में भक्ति-भारत में क्या-क्या हुआ। कौन-कौन से नये उपयोगी फीचर्स आए। क्या कुछ बदला और न्यू ईयर 2022 में और क्या होने वाला है।

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जगन्नाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश क्यों वर्जित है?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगी रोक मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित बातों में से एक है। हालांकि यह नियम कुछ लोगों को अजीब लग सकता है, लेकिन यह आधुनिक कानून के बजाय सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और मंदिर की रीति-रिवाजों पर आधारित है।

रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ का मुकुट टाहिया

रथयात्रा के समय पहण्डी बिजे के दौरान भगवन टाहिया धारण करते हैं। टाहिया एकमात्र आभूषण है जिसे रथयात्रा अनुष्ठान के दौरान भगवान पहनते हैं।

जगन्नाथ मंदिर प्रसाद को 'महाप्रसाद' क्यों कहा जाता है?

जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।

भगवान जगन्नाथ के नील माधव के रूप में होने के पीछे क्या कहानी है?

नील माधव (या नीला माधव) के रूप में भगवान जगन्नाथ की कहानी प्राचीन हिंदू परंपराओं, विशेष रूप से ओडिशा की परंपराओं में निहित एक गहरी आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक कहानी है।

शिवलिंग पर बेलपत्र कैसे चढ़ाएं?

शिवलिंग पर बेलपत्र (बिल्व पत्र) चढ़ाते समय, हिंदू धर्मग्रंथों और पारंपरिक पूजा पद्धतियों के अनुसार, इसे एक विशिष्ट विधि से अर्पित किया जाना चाहिए।

पुरी जगन्नाथ के गुंडिचा रानी और नाकचणा कथा

श्रीगुंडिचा मंदिर की दीवार के सामने दो द्वार हैं। एक 'सिंहद्वार' और दूसरा 'नाकचणा द्वार'। 'श्रीगुंडिचायात्रा' के दिन मंदिर के सिंहद्वार से तीन रथ निकलते हैं और गुंडिचा मंदिर के सिंहद्वार की ओर बढ़ते हैं।

संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में क्या अंतर है?

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जो पूर्णिमा के बाद आती है उसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।

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