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बांके बिहारी मंदिर में घंटियाँ क्यों नहीं हैं? (Why there is no bells in the Banke Bihari temple?)

बांके बिहारी मंदिर में घंटियाँ क्यों नहीं हैं?
उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर कई मायनों में अनोखा है, और इसकी सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक यह है कि मंदिर में घंटियाँ नहीं हैं। यह एक हिंदू मंदिर के लिए बेहद असामान्य बात है, जहाँ आमतौर पर आरती (प्रार्थना अनुष्ठान) के दौरान या देवता को जगाने या आह्वान करने के लिए गर्भगृह में प्रवेश करते समय घंटियाँ बजाई जाती हैं।
इसके पीछे कारण:
बांके बिहारी मंदिर में घंटियों का न होना जानबूझकर और प्रतीकात्मक है, जो भगवान बांके बिहारी की अनूठी प्रकृति पर आधारित है, जिन्हें कृष्ण का बाल रूप माना जाता है। यहाँ बताया गया है कि क्यों:

1. एक चंचल बच्चे के रूप में कृष्ण (ललिता मूड):
देवता की पूजा बहुत ही अंतरंग, प्रेमपूर्ण और व्यक्तिगत तरीके से की जाती है, जैसे कोई छोटे बच्चे या किसी प्रिय को पूजता है। भक्ति के इस कोमल, अंतरंग मूड के लिए घंटियाँ बजाना बहुत कठोर या चौंकाने वाला माना जाता है।

2. अखंड शांति और मौन:
यहाँ दर्शन शांतिपूर्ण, तल्लीन भक्ति (भक्ति) अनुभव पर जोर देता है। तेज आवाजों के बजाय, भजन (भक्ति गीत) और मधुर संगीत को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे शांत और प्रेमपूर्ण वातावरण बना रहता है जो देवता के साथ गहन, मौन संवाद की अनुमति देता है।

3. भगवान को आराम करने देना:
ऐसा माना जाता है कि बांके बिहारी जी को घंटियों की आवाज़ से भी परेशान नहीं होना चाहिए। भगवान को एक बच्चे के रूप में माना जाता है, जिन्हें अचानक नहीं जगाया जाना चाहिए या तेज़ आवाज़ से चौंका नहीं जाना चाहिए। यही कारण है कि अन्य मंदिरों के विपरीत, जहाँ यह कई बार होती है, यहाँ तक कि दिन में केवल एक बार ही आरती की जाती है।

4. ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपरा:
यह परंपरा महान संत और तानसेन (अकबर के दरबार से) के आध्यात्मिक गुरु स्वामी हरिदास द्वारा स्थापित की गई थी, जिन्होंने देवता की स्थापना की थी। उनके भक्ति मार्ग में अनुष्ठानिक भव्यता की तुलना में मधुरता (माधुर्य भाव) और शांति पर ज़ोर दिया गया था।

संक्षेप में, बांके बिहारी मंदिर में घंटियों की अनुपस्थिति भक्त और भगवान कृष्ण के बीच एक गहरे भक्तिपूर्ण, कोमल रिश्ते को दर्शाती है, जो औपचारिकता या अनुष्ठानिक शोर के बजाय प्रेम, अंतरंगता और सौम्यता में निहित है।

Why there is no bells in the Banke Bihari temple? in English

The Banke Bihari Temple in Vrindavan, Uttar Pradesh, is unique in many ways, and one of its most notable features is that there are no bells or gongs in the temple.
यह भी जानें

पुरी जगन्नाथ धाम के गर्भगृह में भी कोई घंटी नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ हमेशा अपने भक्तों का इंतजार करते हैं, इसलिए घंटी बजाने से वे सचेत नहीं होते।

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