नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

तारतम सागर (Taratam Sagar)

तारतम सागर
श्री तारतम सागर श्री कृष्ण प्रणामी धर्म का प्रमुख ग्रन्थ है। इस महान ग्रन्थ को विभिन्न नामों से भी जाना जाता है जैसे तारतम सागर कुलजाम स्वरूप, तारतम वाणी, श्री मुखवाणी, श्री स्वरूप साहिब। इसे विक्रम संवत 1715 में महामती प्राणनाथ जी ने लिखा था।
तारतम सागर का वर्णन
श्री तारतम सागर में 18,758 चौपाइयां हैं। इस श्री तारतम सागर में रास, प्रकाश, शत्रुतु, कलश, सनंध, किरंतन, अवकाल, खिलवत, परिक्रमा, सागर, सिंगार, सिंधी, मरफत सागर और कयामतनामा जैसी 14 कृतियां हैं।

इस वाणी के प्रथम चार ग्रन्थों- रस, प्रकाश, शत्रुतु और कलश में हिन्दू पक्ष का ज्ञान है। सानंद, खुलशा, मरफत सागर और कयामतनामा, कतेब पक्ष और खिलवत, परिक्रमा, सागर, सिंगार और सिंधी में परमधाम का ज्ञान है। किरंतन ग्रन्थ में सभी विषयों का योग है।

साहित्य के इस महान भण्डार में इस मायावी संसार के दुःख-दर्दों से व्यथित और पीड़ित आत्माओं को सुख-शांति प्रदान करने की अद्भुत शक्ति है। इसने उन्हें चिन्मय के दिव्य धाम के साथ-साथ सर्वोच्च भगवान तक पहुँचने का एक आसान रास्ता दिखाया है। इसके अतिरिक्त तत्कालीन समाज की धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक समस्याओं का भी समाधान है। यह अमूल्य और अतुलनीय ग्रन्थ सिंधी, जट्टी, हिन्दी, उर्दू और फारसी भाषाओं से सज्जित हिन्दी साहित्य का अखूट भंडार है।

Taratam Sagar in English

Shri Tartam Sagar is the main book of Shri Krishna Pranami religion. This great book is also known by different names like Tartam Sagar Kuljam Swaroop, Tartam Vani, Shri Mukhvani, Shri Swaroop Sahib. It was written by Mahamati Prannath ji in Vikram Samvat 1715.
यह भी जानें

Blogs Taratam Sagar BlogsShri Krishna Pranami Religion BlogsMahamati Prannath Ji BlogsShrimad Bhagavad Gita BlogsShri Krishna Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

ब्लॉग ›

मैसूर दशहरा

मैसूर दशहरा 10 दिनों तक चलने वाला त्योहार है जो बहुत ही धूमधाम के साथ मैसूर में मनाया जाता है | मैसूर दशहरा कैसे मनाया जाता है? | मैसूर दशहरा महोत्सव 2024 कब शुरू होगा

शारदीय नवरात्रि स्पेशल

Vijayadashami Specials | शारदीय नवरात्रि वर्ष 2024 में 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो रही है। आइए जानें! ऊर्जा से भरे इस उत्सव के जुड़ी कुछ विशेष जानकारियाँ, आरतियाँ, भजन, मंत्र एवं रोचक कथाएँ त्वरित(quick) लिंक्स के द्वारा...

दिल्ली की प्रसिद्ध रामलीला

हर दशहरा के समय दिल्ली रामलीला की भव्य कथा-वाचन से जीवंत हो उठती है।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि

नवरात्रि में विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही अष्टमी और नवमी तिथि को बहुत ही खास माना जाता है, क्योंकि इन दिनों कन्या पूजन का भी विधान है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि में कन्या की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है। इससे मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

दुर्गा पूजा धुनुची नृत्य

धुनुची नृत्य नाच दुर्गा पूजा के दौरान किया जाने वाला एक भक्ति नृत्य है और यह बंगाल की पारंपरिक नृत्य है। मां दुर्गा को धन्यवाद प्रस्ताव के रूप में पेश किया जाने वाला नृत्य शाम की दुर्गा आरती में ढाक बाजा, उलू ध्वनि की ताल पर किया जाता है।

नवरात्रि व्रत के भोजन और लाभ

खाद्य पदार्थ जिनका सेवन आप नवरात्रि के दौरान कर सकते हैं। यह आवश्यकता के अनुसार सही मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन प्रदान करता है।

कनाडा के प्रसिद्ध दस हिंदू मंदिर

कनाडा देश दुनिया के सबसे धर्मनिरपेक्ष देशों में से एक है। कुछ दशकों में हिंदुओं ने कनाडा के जीवन के तरीके को इतना प्रभावित किया है कि वे सबसे बड़े समुदायों में से एक हैं। देश भर में मंदिर समितियां हैं जो कनाडा में हिंदू मंदिरों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी लेती हैं। यहां हमने कनाडा के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताया है।

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP