
हनुमान बरी, स्वयंभू श्री हनुमान अवतरित पवित्र बरगद वृक्ष। ग्राम नगला खुशहाली में स्थित है बरगद का पवित्र पेड़ आज से लगभग 300 साल पुराना है।
| ◉ 300 साल पुराना, स्वयंभू श्री हनुमान अवतरित पवित्र बरगद वृक्ष। |
| ◉ बूढ़े मंगल और होली सबसे प्रसिद्ध त्यौहार हैं। |
400 वर्ष पहले तालाब के किनारे जब स्वयंभू शिवलिंग अवतरित हुए, उस स्थान पर एक सामौर बाबा मंदिर का निर्माण किया गया।
| ◉ 400 साल पुराना शिव मंदिर। |
| ◉ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री माननीय ठा. जयवीर सिंह के पैतृक गाँव का मंदिर। |
| ◉ मोहर छठ, महा शिवरात्रि एवं सावन के सोमवार यहाँ के सबसे लोकप्रिय त्योहार हैं। |
जदुद्वारा से सिरसागंज शहर की ओर जाते हुए महादेव के कालेश्वर मंदिर के अत्यंत निकट रुद्र के अवतार श्री हनुमंत लाल के बाल स्वरूप को समर्पित श्री बालाजी मंदिर, बालाजी सिरसागंज के नाम से प्रसिद्ध है।
| ◉ सिरसागंज का सबसे प्रसिद्ध श्री बालाजी मंदिर। |
| ◉ प्रत्येक मंगलवार तथा शनिवार को भक्तों विशेष उपस्थिति। |
सिरसागंज शहर का सबसे प्रसिद्ध एवं पुरातन मंदिर, श्री वनखण्डेश्वर मंदिर, इस धार्मिक स्थल को स्थानीय समुदाय द्वारा साधारण बोल-चाल की भाषा में बरखंडी कहा जाता है।
| ◉ सिरसागंज शहर का सबसे प्रसिद्ध तथा पुराना मंदिर। |
| ◉ साधारण बोल-चाल की भाषा में बरखंडी कहा जाता है। |
जदुद्वारा से सिरसागंज शहर की ओर जाते हुए महादेव का श्री महाकालेश्वर मंदिर सिरसागंज का प्राचीन एवं प्रसिद्ध है। बालाजी सिरसागंज यहाँ से 200 मीटर की दूरी पर ही स्थित है।
| ◉ 4.5 फुट ऊँची विशाल शिवलिंग। |
| ◉ सिरसागंज के प्राचीनतम मंदिरों में से प्रमुख। |
| ◉ हरियाली एवं पुष्पों की महक के बीच भोले के दर्शन। |
माता की कला के रूप में स्थापित जायमई वाली माता का प्रसिद्ध मंदिर, दिलीप महाराज द्वारा 1000 साल पुरानी सिद्ध माता को जाग्रत करने का शुभ कार्य किया।
| ◉ मंदिर में माँ भगवती कला रूप में विराजमान हैं। |
| ◉ गाँव की रक्षक देवी के रूप में विराजमान। |
सिरसागंज में यदुवंशी योगिराज श्री कृष्ण का यह धार्मिक स्थल जदुद्वारा के नाम से जाना जाता है। सिरसागंज में निवास करने वाले राजपूत, स्वयं को भगवान श्री कृष्ण के वंशज मानते हैं, तथा श्री कृष्ण का वंश यदुवंश है। अतः भगवान श्री कृष्ण को समर्पित इस धाम को जदुद्वारा कहा गया है।
| ◉ सिरसागंज में भगवान शिव की सबसे उँची मूर्ति। |
| ◉ प्रमुख मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित। |
ग्राम कीठौत मे स्थित श्री शिव मंदिर, माननीय श्री उदय वीर सिंह जी द्वारा स्थापित किया गया है। मंदिर तीन मंजिल ऊँचा एवं भूमितल से मंदिर के शिखर की ऊंचाई 60+ फीट है।
| ◉ भूमितल से मंदिर के शिखर की ऊंचाई 60+ फीट है। |
| ◉ मंदिर मे शिव धाम, श्री कृष्ण धाम एवं माता का धाम है। |
सैनावली गाँव का सबसे प्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर, जिसके साथ स्थित है मंदिर का पवित्र सरोवर। इस पवित्र जल सरोवर को झबेरा के नाम से जाना जाता है।
| ◉ मंदिर के साथ पवित्र तालाब संलग्न। |
| ◉ सुंदर प्राकृतिक हरियाली के दृश्य। |
सिद्ध बाबा दूधाधारी ने यहाँ रहते हुए शिवलिंग की स्थापना की, और अनेक सिद्धियों को प्राप्त किया। कालांतर में यहाँ बाबा दूधाधारी मंदिर और मंदिर से जुड़े आश्रम का निर्माण किया गया।
| ◉ बाबा दूधाधारी समाधि स्थल और आश्रम। |
| ◉ मुख्य मंदिर के साथ छः सहायक मंदिर। |
बछेला गाँव मे श्री भगवान सिंह जी जब अपने खेत की जुताई करा रहे थे, उस दौरान उन्हें एक पवित्र शिवलिंग मिला जिसे श्री शिव मंदिर मे स्थापित किया गया।
| ◉ मंदिर मे सोमवार का विशेष महत्व। |
| ◉ पुरातन शिवलिंग। |
जिला फिरोज़ाबाद के अंतर्गत आने वाला गाँव पैगू, जहाँ का शिव मंदिर आस-पास के क्षेत्र में अत्यधिक प्रसिद्ध है। पैगू गाँव का यह शिव मंदिर, श्री शकलेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है।
| ◉ पैगू गाँव का सबसे प्रसिद्ध मंदिर। |
| ◉ सिरसागंज के आस-पास क्षेत्र का प्रसिद्ध शिव मंदिर। |
चित्रकूट के श्री रामावतार दास जी महाराज के अथक प्रयासों से साकार हुआ है सिरसागंज के कौरारा रोड पर स्थित इस चित्रकूट धाम की स्थापना।
| ◉ मंदिर में महंतजी की 24 घंटे उपलब्धता। |
| ◉ गुरु पूर्णिमा मंदिर का सबसे प्रसिद्ध उत्सव है। |
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