Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

पितृ पक्ष में किन भोजनों से परहेज किया जाता है? (Which foods are avoided during Pitru Paksha?)

पितृ पक्ष में किन भोजनों से परहेज किया जाता है?
हिंदुओं का मानना ​​है कि पितृ पक्ष मैं श्राद्ध करने से पूर्बजों को मुक्ति मिलती है और प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध की रस्में हिंदू परंपराओं के अनुसार बहुत सारे प्रतिबंधों के तहत की जाती हैं। इस दौरान कुछ भोजनों से परहेज किया जाता है।
निम्नलिखित कुछ भोजन हैं जिन्हें श्राद्ध के समय में नहीं खाना चाहिये:

प्याज और लहसुन
आयुर्वेद में लहसुन को राजसिक और प्याज को तामसिक माना गया है। चूंकि वे शरीर में गर्मी पैदा कर सकते हैं, इन दो सब्जियों को पहुंच से बाहर रखा जाना चाहिए और किसी भी अनुष्ठान मैं ब्यबहार नहीं किया जाता है।

मांसाहारी भोजन
किसी भी हिंदू अनुष्ठान में मांसाहारी भोजन का सेवन सख्त वर्जित है। इसी तरह श्राद्ध के दौरान मांस या कोई भी मांसाहारी भोजन करने की अनुमति नहीं है।

गेहूं और दालें
श्राद्ध के पवित्र काल में कच्चा अनाज वर्जित है। इसलिए इस दौरान चावल, दाल और गेहूं नहीं खाना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों का कच्चा सेवन करना वर्जित माना गया है। आलू, अरबी और मूली जैसी सब्जियां भी वर्जित हैं।

मसूर दाल
मसूर दाल को कोई भी व्यक्ति जो श्राद्ध समारोह कर रहा है नहीं खा सकता। मसूर की दाल खाते समय छोले और फटी दाल से भी बचना चाहिए। काली उड़द की दाल और चना सत्तू से भी बचना चाहिए।

अन्य खाद्य पदार्थ
मांसाहारी भोजन और शराब के साथ-साथ पितृ पक्ष के दौरान अन्य कुछ खाद्य पदार्थ जीरा, काला नमक, काली सरसों, खीरा और बैगन कुछ खाद्य पदार्थ भी वर्जित हैं।

पितृ पक्ष के दौरान नए कपड़े नहीं खरीदने चाहिए और न ही पहनने चाहिए, इससे पितृ दोष होता है। पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराने का नियम है।

Which foods are avoided during Pitru Paksha? in English

Hindus believe that performing Shradh in Pitru Paksha liberates the ancestors and makes them happy. The rituals of Shradh are performed according to Hindu traditions under a lot of restrictions. Some foods are avoided during this time.
यह भी जानें

Blogs Shraaddh Paksha BlogsKanagat BlogsMahalaya Paksha BlogsSarvapitri Amavasya BlogsMahalaya Amavasya BlogsApara Paksha BlogsPitru Amavasya BlogsPeddala Amavasya BlogsPitar Paksha Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

जर्मनी के प्रसिद्ध हिंदू मंदिर

जर्मनी के हिंदू मंदिर देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता में योगदान करते हैं। जर्मनी के हिंदू धर्म अनुयायी ने पूरे देश में मंदिरों की स्थापना की है। यहां, हम आपके साथ जर्मनी के कुछ प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों को साझा कर रहे हैं।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने की परंपरा क्यों है?

ब्रह्म मुहूर्त में उठने से व्यक्ति को सुंदरता, लक्ष्मी, बुद्धि, स्वास्थ्य, आयु आदि की प्राप्ति होती है। ब्रह्ममुहूर्त समय अत्यधिक महत्वपूर्ण समय होता है, यह शरीर को व्यस्त दिन के साथ बनाए रखने के लिए एक अच्छी ऊर्जा को बढ़ावा देता है।

एकादशी के दिन क्या करें?

हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार एकादशी चंद्र चक्र का ग्यारहवां दिन है, यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखते हैं और संरक्षित करते हैं, भक्त एक दिन का उपवास रखते हैं ।

कैसे करें आध्यात्मिक वैष्णो देवी यात्रा?

जय माता दी! की गूंज और पूरी घाटी के खूबसूरत नज़ारों के बीच पवित्र गुफा की चढ़ाई चढ़ते हुए, माता वैष्णो देवी के मंदिर की यात्रा किसी अन्य की तरह एक आध्यात्मिक यात्रा है।

तनखैया

तनखैया जिसका अर्थ है “सिख पंथ में, धर्म-विरोधी कार्य करनेवाला घोषित अपराधी।

महाकाल लोक क्या है?

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवन शिव को समर्पित एक हिंदू मंदिर है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, तीर्थस्थल जिन्हें शिव का सबसे पवित्र निवास कहा जाता है। यह भारत के मध्य प्रदेश राज्य के प्राचीन शहर उज्जैन में स्थित है।

क्या है यह मासिक शिवरात्रि?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, मासिक शिवरात्रि व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP