मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ भक्तिभारत डॉट कॉम द्वारा सबसे पहला शक्तिपीठ। |
| ◉ देवी चंद्रभागा माँ शक्ति का उदर अंग। |
| ◉ भैरव वक्रतुंड की शक्ति के साथ। |
गुजरात के प्रभास क्षेत्र में त्रिवेणी संगम के निकट माँ सती के ५२ शक्तिपीठों में से एक चंद्रभागा शक्ति पीठ का वर्णन पुराणों में भी उल्लेखित किया गया है। कपिला, हिरण्या एवं सरस्वती नदी के त्रिवेणी संगम पर शमशान भूमि के निकट सोमनाथ ज्योतिरलिंग के समीप है माँ सती के शरीर का अंग उदर/आमाशय देवी चंद्रभागा के रूप में जाना जाता है, देवी के इस रूप के रक्षण हेतु वक्रतुंड भैरव हमेसा से उनके निकट विराजमान हैं।
वर्तमान समय में यह शक्तिपीठ सोमनाथ ट्रस्ट के श्री राम मंदिर के पिछले हिस्से के ओर व हरिहर वन के निकट स्थित है। मंदिर की ओर जाने का रास्ता श्री राम मंदिर के प्रवेश द्वार के बाएं तरफ से जाता है। सोमनाथ क्षेत्र में इस शक्तिपीठ के वारे में जानकारी का काफी अभाव है। ज्यादातर गाइड इस मंदिर को वहाँ के लोकल धार्मिक घूमने वाले मंदिरों में शामिल नहीं करते हैं। अतः भक्तों को खुद से ही, माँ सती के इस रूप के दर्शन हेतु प्रयाशरत रहना होगा।

श्री चंद्रभागा शक्ति पीठ

श्री चंद्रभागा शक्ति पीठ

श्री चंद्रभागा शक्ति पीठ

श्री चंद्रभागा शक्ति पीठ

श्री चंद्रभागा शक्ति पीठ

श्री चंद्रभागा शक्ति पीठ
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