मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
|---|
| ◉ मंदिर में भगवान हनुमान डॉक्टर के रूप में पूजे जाते हैं। |
| ◉ यहाँ हनुमान जी की मूर्ति नृत्य मुद्रा में स्थापित है। यह देश की अकेली ऐसी मूर्ति है, जिसमें हनुमान जी को नृत्य करते हुए दिखाया गया है। |
| ◉ ऐसी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति पूरी श्रद्धा के साथ इस मंदिर में लगातार पांच मंगलवार तक आता है तो वह ठीक होने लगता है। |
दंदरौआ धाम, मध्यप्रदेश के दंदरौआ ग्राम जिला भिंड, तहसील मेंहगांव के ग्राम धमूरी और चिरोल के मध्य में स्थित है। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। मंदिर में भगवान हनुमान डॉक्टर के रूप में पूजे जाते हैं। मान्यताएं है कि इस मंदिर के हनुमान स्वयं अपने एक भक्त का इलाज करने डॉक्टर बनकर पहुंचे थे। आज इस मंदिर में प्रदेश से ही नहीं बल्कि देशभर से लोग अपनी गंभीर बिमारियों का इलाज करवाने आते हैं। मंदिर के वतर्मान महंत महामण्डलेस्वर संत रामदास जी महाराज बड़ी ही तन्मयता के साथ हनुमान जी की सेवा मे लीन रहते हैं।
दंदरौआ के डॉ हनुमान वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया में दर्ज
19 मई 2026 बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर डॉ हनुमान मंदिर, दंदरौआ धाम में वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया के CEO पवन सोलंकी ने स्वयं उपस्थित होकर परम पूज्य महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संत श्री रामदास जी महाराज को वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट सम्मान भेंट किया। यह सम्मान दंदरौआ सरकार की कृपा, गुरुदेव के आशीर्वाद और सभी भक्तों के प्रेम का परिणाम है। इस ऐतिहासिक पल पर पूरा दंदरौआ धाम जय डॉक्टर हनुमान! के जयकारों से गूंज उठा।
दंदरौआ धाम का इतिहास और वास्तुकला
यहाँ हनुमान जी की मूर्ति नृत्य मुद्रा में स्थापित है। यह देश की अकेली ऐसी मूर्ति है, जिसमें हनुमान जी को नृत्य करते हुए दिखाया गया है। मान्यता है की 300 साल पहले हनुमानजी की यह मूर्ति नीम के पेड़ से छिपी थी। पेड़ को काटने पर गोपी वेषधारी हनुमान जी की ये प्राचीन मूर्ति प्राप्त हुई थीं। श्रद्धालुओं का दर्द दूर करने वाले हनुमान जी को पहले दंदरौआ कहा जाने लगा। माना जाता है कि रोगों के लिए हनुमान जी की भभूत कारगर है। विशेष रूप में फोड़ा, अल्सर और कैंसर जैसी बीमारियां भी मंदिर की पांच परिक्रमा करने पर ठीक हो जाती हैं। यहां डॉक्टर हनुमान के पास अच्छी सेहत की उम्मीद लेकर लाखों श्रद्धालु जुटते है।
मान्यता है कि एक साधु जिनका नाम शिवकुमार दास था वह लंबे समय से कैंसर की समस्या से पीड़ित थे। हनुमान जी ने उसमे मंदिर में डॉक्टर के वेश में दर्शन दिए थे इस रूप में हनुमान जी ने गले में आला यानी स्टेथोस्कोप डाला हुआ था। भगवान हनुमान के इस रूप के दर्शन करने के बाद वह साधु पूरी तरह स्वस्थ हो गया। तभी से यह मंदिर डॉक्टर हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
अति प्राचीन मंदिर होने तथा सिद्ध स्थल होने के कारण लोगों की आस्था का केंद्र है, यहां दर्शन के लिए आए किसी भक्त को खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता है उसकी मुराद जरुर ही पूरी होती है। यहां श्री राम दरबार भी है और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी हैं, लेकिन इस मंदिर की विशिष्ट ख्याति हनुमान जी के कारण है।
दंदरौआ धाम के प्रसिद्ध त्यौहार
हनुमान जयंती और राम नवमी यहां के प्रमुख त्योहार हैं। साल में बुढ़वा मंगल के समय यहां विशाल मेला लगता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मंगलवार हनुमान जी को समर्पित है इसलिए प्रत्येक मंगलवार को इस मंदिर में कई रोगी हनुमान जी के दर्शन करने आते हैं। साथ ही इस मंदिर से यह मान्यता भी जुड़ी है कि जिसका इलाज कहीं नहीं हो रहा वह व्यक्ति यहां आकर सच्चे श्रद्धा भाव के साथ हनुमान जी के दर्शन करे तो उसकी समस्याएं ठीक हो जाती हैं।
ऐसी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति पूरी श्रद्धा के साथ इस मंदिर में लगातार पांच मंगलवार तक आता है तो वह ठीक होने लगता है।
दंदरौआ धाम कैसे पहुंचे
दंदरौआ धाम सड़कों के नेटवर्क के माध्यम से सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ स्थान है। होशंगाबाद रेलवे स्टेशन दंदरौआ धाम का निकटतम (45 किलोमीटर) रेलवे स्टेशन है। हालाँकि, कोई ग्वालियर के रास्ते भी आ सकता है। इस क्षेत्र का निकटतम हवाई अड्डा राजा भोज हवाई अड्डा, भोपाल है। वहां से दंदरौआ धाम पहुंचने के लिए टैक्सी बुक की जा सकती है।

Mahant Sant Ramdas Ji Maharaj

Sant Ramdas in Dandraua Dham
2007
डॉ हनुमान वाणी पत्रिका का प्रारम्भ
19 May 2026
वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया के CEO पवन सोलंकी ने स्वयं उपस्थित होकर परम पूज्य महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संत श्री रामदास जी महाराज को यह प्रतिष्ठित वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट सम्मान भेंट किया


Bhakti Bharat YouTube Shot
भक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।