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श्री महालक्ष्मी मंदिर - Shri Mahalakshmi Mandir

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

  • 300 वर्ष पुराना मुंबई का ऐतिहासिक माता मंदिर।
  • कई और ऐतिहासिक मंदिरों से घिरा मंदिर।

श्री महालक्ष्मी मंदिर मुख्‍यतया तीन देवियों श्री महाकाली, श्री महालक्ष्मी और श्री महासरस्वती को समर्पित है। मंदिर के पीछे की ओर समुद्र दर्शन किया जा सकता है, तथा मंदिर के चारों तरफ बैठने की व्यवस्था है।

महालक्ष्मी मंदिर परिसर को इसकी स्थापत्य, पुरातत्व मूल्य, पारंपरिक मंदिरों से घिरा, खूबसूरत ऐतिहासिक बस्तियों की विरासत के द्रश्य रूप में नामित सुंदर घरेलू वास्तुकला से सुभोभित देखा जाता है।

इस मन्दिर की प्रसिद्धी के बारे में इससे ही पता लगाया जा सकता है, कि इस मंदिर के आस-पास केसम्पूर्ण क्षेत्र को महालक्ष्मी नाम से ही जाना जाता है।

नवरात्रि और दिवाली श्री महालक्ष्मी मंदिर में विशेष रूप से मनाएँ जाने वाले त्यौहार हैं। इन त्यौहारों के दौरान, मंदिर को प्रवेश द्वार से आसपास के पूरे इलाके को रोशनी, फूलों और मालाओं से सजाया जाता है।

अन्नकूट जो कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन आयोजित किया जाता है, इस दिन मंदिर में 56 प्रकार की मिठाइयों और खाद्य पदार्थों को नैवेद्य के रूप में माता पर चढ़ाया जाता है। उसके बाद सारे प्रसाद को अधिक से अधिक भक्तों के बीच वितरित किया जाता है। हर वर्ष गुढ़ी पड़वा पर माता की पालकी यात्रा निकाली जाती है।

समय - Timings

दर्शन समय
6:00 AM - 10:00 PM
7:00 - 7:20 AM: सुवह आरती
6:30 - 6:40 PM: धूप आरती
7:30 - 7:50 PM: संध्या आरती
10:00 PM: शेज आरती
त्यौहार
Rakshabandhan, Narli Pournima, Janmashtami, Ganesh Chaturthi, Gauri Poojan, Ganapati Visarjan, Anant Chaturdashi, Navaratra, Vijaydashmi, Kojagiri Pournima, Diwali, Dhanatrayodashi, Narak Chaturdashi, Laxmi Poojan, Balipratipada, Diwali Padwa, Bhaubijh, Durgashtami, Tulsi Vivah, Annakut, Dev Diwali | यह भी जानें: गणेशोत्सव

मंदिर का इतिहास

कहानी के अनुसार, मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा मूर्तियों के विनाश से बचने के लिए, हिंदुओं ने देवी की तीन मूर्तियों को वर्ली नाले के पास समुद्र में फेंक दिया। इसके बाद, ब्रिटिश शासन के दौरान, लॉर्ड होर्नबी ने दो द्वीपों को जोड़ने का फैसला किया। वर्ली-मालबार हिल क्रीक और कार्य श्री रामजी शिवजी प्रभु को सौंपा गया था। इंजीनियर जिसने अपने अन्य इंजीनियरों और तकनीशियनों के माध्यम से दो द्वीपों (क्रीक्स) को जोड़ने की कोशिश की। वे दो तरीकों से निर्माण करके दो द्वीपों को जोड़ने की स्थिति में नहीं थे और सागर - लहरों के कारण परियोजना को पूरा नहीं कर सके।

एक रात श्री महालक्ष्मी देवी ने उन्हें एक सपने में निर्देश दिया और उन्हें उन सभी मूर्तियों को बाहर निकालने के लिए कहा जो वर्ली के नाले में थीं और उन्हें पहाड़ी की चोटी पर रख दिया। उसने देवी से वादा किया कि वह उन्हें समुद्र / नाले से निकालकर पहाड़ी की चोटी पर एक मंदिर में रख देगा।

तदनुसार, वर्ली क्रीक और मलबार हिल क्रीक को जोड़ने के लिए काम करने वाली टीम ने वर्ली क्रिक से माताजी की तीनों मूर्तियों को निकाला। तब ही वह उक्त दोनों क्रीकों को जोड़ने में सफल रहा। इस काम के पूरा होने के बाद, इंजीनियर ने इंग्लिश शासक से उपहार के रूप में पहाड़ी पर जमीन प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पहाड़ी पर चोटी पर स्थित महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण किया, जिस पर उन्होंने Rs.80,000 / - खर्च किए। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 1761 A.D.1771 A.D के बीच हुआ था।

Shri Mahalakshmi Mandir in English

Sri Mahalakshmi Temple is actually dedicated to three devi’s Sri Mahakali, Sri Mahalakshmi and Sri Mahasaraswati.

फोटो प्रदर्शनी - Photo Gallery

Photo in Full View
श्री महालक्ष्मी मंदिर

श्री महालक्ष्मी मंदिर

जानकारियां - Information

धाम
DhwjasthambhaDeepsthambhaHawanshala
देख-रेख संस्था
श्री महालक्ष्मी टेंपल चॅरिटीस
समर्पित
माँ दुर्गा - महालक्ष्मी
फोटोग्राफी
🚫 नहीं (मंदिर के अंदर तस्वीर लेना अ-नैतिक है जबकि कोई पूजा करने में व्यस्त है! कृपया मंदिर के नियमों और सुझावों का भी पालन करें।)
नि:शुल्क प्रवेश
हाँ जी

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Bhulabhai Desai Road Mumbai Maharashtra
सड़क/मार्ग 🚗
Bhulabhai Desai Road >> Boulevard Road
रेलवे 🚉
Mumbai Central Station
हवा मार्ग ✈
Chhatrapati Shivaji International Airport
नदी ⛵
Mithi
वेबसाइट 📡
सोशल मीडिया
निर्देशांक 🌐
18.977457°N, 72.806588°E
श्री महालक्ष्मी मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/mahalakshmi-temple-mumbai

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