Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

रङ्गपुर विहार (Rangapura Vihara)


रङ्गपुर विहार
Add To Favorites Change Font Size
पल्लवि:
रङ्गपुर विहार जय कोदण्ड रामावतार रघुवीर श्री
अनुपल्लवि:
अङ्गज जनक देव बृन्दावन सारङ्गेन्द्र वरद रमान्तरङ्ग

मध्यम कालम्
श्यामळाङ्ग विहङ्ग तुरङ्ग सदयापाङ्ग सत्सङ्ग

चरणम्:
पङ्कजाप्तकुल जलनिधि सोम वर पङ्कज मुख
पट्टाभिराम पदपङ्कज जितकाम रघुराम वामाङ्ग
गत सीतावरवेष शेषाङ्ग शयन भक्त सन्तोष एणाङ्क
रवि नयन मृदुतरभाष अकळङ्क दर्पण कपोल विशेष मुनि

मध्यम कालम्
सङ्कटहरण गोविन्द वेङ्कट रमण मुकुन्द
सङ्कर्षण मूल कन्द शन्कर गुरुगुहानन्द

संस्कृत का यह मंत्र भगवान श्री राम एवं भगवान श्री रंगनाथ की मिश्रित विशेषताओं का वर्णन प्रस्तुत करता है। इस मंत्र में भगवान श्री हरि के अवतार भगवान श्री राम का विशिष्ट उल्लेख है।
यह भी जानें

Mantra Shri Vishnu MantraNarayan MantraMangalam MantraShri Hari MantraShri Ram MantraRanga Swami MantraShri Shiv MantraShri Krishna MantraSouth Indian MantraSinger Aishwarya Srinivas Mantra

अन्य प्रसिद्ध रङ्गपुर विहार वीडियो

Padmashri Smt. Aruna Sairam

Sivasri Skandaprasad

Sooryagayathri

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

भगवान सूर्य की अष्टोत्तर शतनामावली

1. अरुणा ॐ अरुणाय नमः। - ॐ अरुणाय नमः। 2. शरण्य ॐ शरण्यै नमः। - ॐ शरण्याय नमः।

श्री युगलाष्टकम् - कृष्ण प्रेममयी राधा

कृष्णप्रेममयी राधा राधाप्रेम मयो हरिः | जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम् ||

रामरघुनाथ अष्ठकम्

दशरथनन्दन-दाशरथीघन- पूर्णचन्द्रतनु- कान्तिमयम्दि, व्यसुनयन-रण्जीतरञ्जन - रमापतिवीर-सीतानाथम्ग , हनकानने-लक्ष्मीलक्ष्मीपति- पितृसत्यधारी-सत्यसुतम्पू , र्णसत्यदेव-राघवमाधब-रामरघुनाथ-पदौभजे ॥१॥

श्री गोविन्द दामोदर स्तोत्रम्

अग्रे कुरूणामथ पाण्डवानांदुःशासनेनाहृतवस्त्रकेशा। कृष्णा तदाक्रोशदनन्यनाथागोविन्द दामोदर माधवेति

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP