Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कर्म महत्वपूर्ण है - प्रेरक कहानी (Karm Mahatvaporn Hai)


Add To Favorites Change Font Size
एक निक्कमे आदमी की पत्नी ने उसे घर से निकलते हुए कहा आज कुछ न कुछ कमा कर ही लौटना नहीं तो घर में नहीं घुसने दूगीं। आदमी दिन भर इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन उसे कुछ काम नहीं मिला। निराश मन से वह जा रहा थी कि उसकी नजर एक मरे हुए सांप पर पड़ी। उसने एक लाठी पर सांप को लटकाया और घर की और जाते हुए सोचने लगा, इसे देखकर पत्नी डर जाएगी और आगे से काम पर जाने के लिए नहीं कहेगीं।
घर जाकर उसने सांप को पत्नी को दिखाते हुए कहा, ये कमाकर लाया हूँ। पत्नी ने लाठी को पकड़ा और सांप को घर की छत पर फेंक दिया।वह सोचने लगी कि मेरे पति की पहली कमाई जो कि एक मरे हुए सांप के रूप में मिली, ईश्वर जरुर इसका फल हमें देगें क्योकिं मैंने सुना हैं कि कर्म का महत्व होता हैं। वह कभी व्यर्थ नहीं जाता।

तभी एक बाज्ञ उधर से उड़ते हुए निकला जिसने चोंच में एक कीमती हार दबा रखा था। बाज्ञ की नजर छत पर पड़े हुए सांप पर पड़ी उसने हार को वहीं छोड़ा और सांप को लेकर उड़ गया।पत्नी ने हार को पति को दिखाते हुए सारी बात बताई। पति अब कर्म के महत्व को समझ चुका था, उसने हार को बेचकर अपना व्यवसाय शुरू किया। कल का एक गरीब इन्सान आज का सफल व्यवसायी बनकर इज्जत की जिंदगी जी रहा हैं।

चलने वाला मंजिल पाता, बैठा पीछे रहता हैं
ठहरा पानी सड़ने लगता, बहता निर्मल रहता हैं।
पैर मिले हैं चलने को तो, पांव पसारे मत बैठो
आगे-आगे चलना हैं तो, हिम्मत हारे मत बैठो।
यह भी जानें
अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

गोस्वामी तुलसीदास की श्री हनुमान जी से भेंट - सत्य कथा

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा श्री हनुमान जी के दर्शन: गोस्वामी जी काशी मे प्रह्लाद घाटपर प्रतिदिन वाल्मीकीय रामायण की कथा सुनने जाया करतेे थे।..

तुलसीदास जी द्वारा विप्रचंद ब्राह्मण पर कृपा - सत्य कथा

एक बार एक विप्रचंद नामक ब्राह्मण से हत्या हो गयी और उस हत्या के प्रायश्चित के लिये वह अनेक तीर्थों में घूमता हुआ काशी आया।

हनुमानजी की उपासना से आयु वृद्धि होती है - प्रेरक कहानी

चित्रकूटके घाट पर, भइ संतन की भीर । तुलसिदास चंदन घिसें, तिलक देन रघुबीर ॥..

राधा रानी भक्त गुलाब सखी - सत्य कथा

श्री बरसाने में प्रेम सरोवर के मार्ग पर एक समाधी बनी हुई है। जिसे हर कोई गुलाब सखी (Gulab Sakhi) के चबूतरे के नाम से जानते है। एक भक्त का नाम गुलाब खान(Gulab Khan) था।

ईश्वर ने मेरे भाग्य में क्या लिखा है - प्रेरक कहानी

एक बार स्वामीजी अपने आश्रम में एक छोटे पालतू कुत्ते के साथ टहल रहे थे। तभी अचानक एक युवक उनके आश्रम में आया और उनके पैरों में झुक गया और कहने लगा

परहित ही सबसे बड़ा धर्म है - प्रेरक कहानी

एक बार भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन भ्रमण के लिए कहीं निकले थे तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राह्मण को भिक्षा मांगते देखा तो अर्जुन को उस पर दया आ गयी

मीरा की भक्ति ! जब श्री कृष्ण ने अपना श्रृंगार बदला - सत्य कथा

भक्तमाल कथा: मीरा की भक्ति - जब श्री कृष्ण ने अपना श्रृंगार बदला | जीव गोसांई वृंदावन में वैष्णव-संप्रदाय के मुखिया थे। मीरा जीव गोसांई के दर्शन करना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने मीरा बाई से मिलने से मना कर दिया।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP