नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

शांति कहाँ मिलेगी - प्रेरक कहानी (Shanti Kahan Milegi)


शांति कहाँ मिलेगी - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
एक समय कि बात है, भगवान विष्णु सभी जीवों को कुछ न कुछ चीजें भेट कर रहे थे। सभी जीव भेंट स्वीकार करते और खुशी-खुशी अपने निवास स्थान के लिए प्रस्थान करते। जब सब चले गए तो उनकी चरण सेविका श्री लक्ष्मी जी ने भगवान से कहा- हे नाथ! मैंने देखा कि आपने सभी को कुछ न कुछ दिया, अपने पास कुछ नहीं रखा लेकिन एक चीज आपने अपने पैरों के नीचे छिपा लिया है। वो चीज क्या है?
श्री हरि मंद-मंद मुस्कुराते रहे, उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

लक्ष्मी जी ने फिर कहा- प्रभु हमसे न छुपाएं, मैंने स्वयं अपनी आंखों से देखा है आपने कोई एक चीज अपने पैरों के नीचे छिपा रखा है, निवेदन है कृपया इस रहस्य से पर्दा उठाइए।

श्री हरि बोले- देवी मेरे पैरों के नीचे शांति है। शांति मैंने किसी को नहीं दिया, सुख सुविधा तो सभी के पास हो सकती हैं मगर शांति तो किसी दुर्लभ मनुष्य के पास ही होगी. मैं सब को नहीं दे सकता। जो मेरी प्राप्ति के लिए तत्पर्य होगा, जिसकी सारी चेष्टाएं मुझ तक पहुंचने की होगी, उसी को ये मिलेगा।

श्री हरि से आज्ञा लेकर शांति कहने लगी- हे जगत माता, श्री हरि ने मुझे अपने पैरों के नीचे नहीं छिपाया बल्कि मैं स्वयं उनके पैरों के नीचे छिप गई। शांति तो सिर्फ़ हरि चरणों के नीचे ही जीव को मिलेगा, अन्यथा कहीं नहीं।

कथा कहती है कि उसी दिन से श्री लक्ष्मी जी ने श्री हरि के चरणों की सेवा शुरू कर दी, क्योंकि व्यक्ति सारी सुख सम्पत्ति से सुसज्जित हो मगर उसके पास शांति ही न हो तो उसकी सारी सुख सम्पत्ति व्यर्थ हो जाता है।इसलिए स्वयं सुख समृद्धि की जननी माता लक्ष्मी भी शांति प्राप्ति हेतु और श्री हरि सेवा के लिए उनके चरणों की सेवा हमेशा करती रहती हैं।

इसलिए भगवान की चरण सेवा करें,अपनी संपत्ति का सदुपयोग करें। निस्वार्थ सबका भला करें और परमपिता परमेश्वर के अलावा किसी से कोई उम्मीद ना रखें।
यह भी जानें

Prerak-kahani Shanti Prerak-kahaniShri Hari Prerak-kahaniLakshmi Narayan Prerak-kahaniPeace Prerak-kahaniMann Ki Shanti Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

Latest Prerak-kahani ›

भगवान की कृपा से ही सब मिलता है - प्रेरक कहानी

एक राजा था, वह जब पूजा के लिए मंदिर जाता, तो 2 भिखारी उसके दाएं और बाएं बैठा करते।..

छोटी सी गौरैया का श्रीकृष्ण पर विश्वास - प्रेरक कहानी

भगवन बोले: अपने घोंसले में तीन सप्ताह के लिए भोजन का संग्रह करो। आइये हम भी तब तक इस घंटी के नीचे विश्राम करे जब तक ये हमारे लिए उठाई ना जाये...

एक छोटी सी मदद - प्रेरक कहानी

शनिवार की रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे जय कार्यालय से घर लौट रहा था। कुछ दूर जाने पर उसे सड़क किनारे एक युवती दिखाई दी..

करोड़ों की दौड़ खोया हुआ सुकून - प्रेरक कहानी

दिल्ली के एक छोटे से मोहल्ले में सोहन नाम का एक युवक रहता था। उसके पिता रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे..

सिद्धियों का उचित प्रयोग ही करें - प्रेरक कहानी

चार विद्वान ब्राह्मण मित्र थे। एक दिन चारों ने संपूर्ण देश का भ्रमण कर हर प्रकार का ज्ञान अर्जित करने का निश्चय किया।...

जीवन का, जीवन बीमा - प्रेरक कहानी

दो मित्र थे, बड़े परिश्रमी और मेहनती। अपने परिश्रम से दोनों एक दिन बड़े सेठ बन गए। दोनों ने बड़ा व्यवसाय खड़ा कर लिया। पहले सेठ ने अपनी सारी संपत्ति का बीमा करवा लिया।...

दो बहते पत्तों की कहानी - प्रेरक कहानी

एक समय की बात है, गंगा नदी के किनारे पीपल का एक पेड़ था। पहाड़ों से उतरती गंगा पूरे वेग से बह रही थी कि अचानक पेड़ से दो पत्ते नदी में आ गिरे।

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP