नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

हनुमान जयंती विशेष 2026 (Hanuman Jayanti Specials 2026)

हनुमान जयंती विशेष 2026
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन सभी हनुमान भक्त श्री हनुमान जयंती यानि हनुमान जयंती को भव्य रूप से मनाते हैं। जिसके तहत भक्त बड़े उत्साह के साथ व्रत, मेला, भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ का आयोजन करते हैं।
हनुमान जयंती क्यों, कब, कहाँ और कैसे?
❀ श्री हनुमान जन्मोत्सव - Shri Hanuman Jayanti

हनुमान आरती:
❀ श्री हनुमान आरती
❀ श्री बालाजी की आरती

❀ श्री हनुमान चालीसा

❀ हनुमान जयंती मेसेज

मंत्र / नामावली:
❀ श्रीहनुमत् पञ्चरत्नम्
❀ श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः
❀ श्री हनुमान अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

हनुमान भजन:
❀ हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन
❀ संकट मोचन हनुमानाष्टक
❀ श्री बजरंग बाण पाठ
❀ श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
❀ राम ना मिलेगे हनुमान के बिना
❀ वीर हनुमाना अति बलवाना
❀ श्री हनुमान-बालाजी भजन

हनुमान कथा:
❀ सुन्दरकाण्ड पाठ
❀ श्री हनुमान गाथा

भक्तमाल: हनुमान भक्त
❀ नीब करौरी बाबा ❀ तुलसीदास जी ❀ धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

हनुमान मंदिर:
❀ दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर
❀ हनुमान बरी, नगला खुशहाली
❀ श्री मकरध्वज हनुमान मंदिर, बेट द्वारिका
❀ डुल्या मारुति मंदिर, पुणे
❀ 108 फुट संकट मोचन धाम, दिल्ली
❀ बड़ा हनुमान मंदिर, ब्रिजघाट गढ़मुक्तेश्वर
❀ श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर, जयपुर
❀ श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, जयपुर
❀ दर्शन मुखी श्री हनुमान मंदिर, शेरगढ़ किला धौलपुर
❀ पनकी हनुमान मंदिर, कानपुर
❀ रामचंडी हनुमान मंदिर, पुरी

भोग, प्रसाद बनाने की विधि:
❀ चूरमा के लड्‍डू
❀ बेसन के लड्‍डू
❀ पंचामृत
❀ साबूदाने की खीर

हनुमान जी का जन्म वर्ष भर में दो तिथियों को मनाया जाता है, पहला चैत्र माह की पूर्णिमा को और दूसरा तिथि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। एक तिथि को जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है और दूसरी को विजय अभिनंदन महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उनकी जयंती को लेकर दो कहानियां हैं।

एक मान्यता है जब हनुमान जी माता अंजनी के पेट से पैदा हुए थे जब वह बहुत भूखे थे। तब वे सूर्य को फल के रूप में खाने के लिए दौड़े, तो उसी दिन राहु भी सूर्य को अपनी ग्राश बनाने के लिए आया, लेकिन हनुमान जी को देखते हुए उन्होंने इसे दूसरा राहु माना। इस दिन को चैत्र महीने की पूर्णिमा के बाद हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है।

दीपावली को हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। माता सीता ने हनुमान की भक्ति और समर्पण को देखकर उन्हें अमरता का वरदान दिया। माना जाता है कि यह दिन दीपावली का दिन था। इसलिए इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

Hanuman Jayanti Specials 2026 in English

On the day of Chaitra Shukla Purnima, all Hanuman devotees observe Shri Hanuman birth anniversary i.e. Hanuman Jayanti in a grand way.
यह भी जानें

Blogs Hanuman BlogsBalaji BlogsBajrangbali BlogsHanuman Janmotsav BlogsHanuman Jayanti Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

ब्लॉग ›

शारदीय नवरात्रि स्पेशल

Vijayadashami Specials | शारदीय नवरात्रि वर्ष 2024 में 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो रही है। आइए जानें! ऊर्जा से भरे इस उत्सव के जुड़ी कुछ विशेष जानकारियाँ, आरतियाँ, भजन, मंत्र एवं रोचक कथाएँ त्वरित(quick) लिंक्स के द्वारा...

घटस्थापना 2026

घटस्थापना रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। यह 9 दिवसीय नवरात्रि उत्सव के दौरान पालन किया जाने वाला एक अनुष्ठान है।

पितृ पक्ष में मौली क्यों नहीं बाँधी जाती?

पितृ पक्ष की पूजा के दौरान मौली (पूजा के दौरान कलाई पर बाँधा जाने वाला पवित्र लाल-पीला धागा) नहीं बाँधी जाती क्योंकि इस अवधि में किए जाने वाले अनुष्ठान केवल पितरों (पूर्वजों) के लिए होते हैं, न कि देवताओं के लिए।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

भारत के टॉप टेन प्रसिद्ध भजन गायक

भजन एक प्रकार का गीत है जिसे भगवान के प्रति सम्मान और भक्ति दिखाने के लिए बजाया जाता है। भजन किसी भी भाषा में हो सकते हैं। कुछ मंत्रों का उच्चारण संगीत के रूप में किया जाता है। भारत में कई प्रसिद्ध हिंदी भजन गायक हैं, जैसे की:

पितृ पक्ष में किन भोजनों से परहेज किया जाता है?

हिंदुओं का मानना ​​है कि पितृ पक्ष मैं श्राद्ध करने से पूर्बजों को मुक्ति मिलती है और प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध की रस्में हिंदू परंपराओं के अनुसार बहुत सारे प्रतिबंधों के तहत की जाती हैं। इस दौरान कुछ भोजनों से परहेज किया जाता है।

हिंदू धर्म में विभिन्न धागों का महत्व

हिंदू धर्म में बुराइयों से छुटकारा पाने के कई उपाय हैं। हिन्दू धर्म में पवित्र सूत्रों का बड़ा महत्व होता है। लोग इन पवित्र धागों को अपने शरीर के विभिन्न अंगों में धारण करते हैं सकारात्मक परिणामके लिए। पवित्र धागों में लाल, नारंगी, सफेद, काला और पीला जैसे विभिन्न रंग मौजूद होते हैं। सभी धागों के अपने विशिष्ट कारण होते हैं।

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP