
प्रश्न: जब खगोलीय रूप से शरद संपात (Autumnal Equinox) 22, 23 सितम्बर को होता है, तो वास्तविक रूप से दिन और रात 27 सितम्बर के आसपास बराबर (12-12 घंटे) क्यों दिखाई देते हैं?
उत्तर:
यह एक बहुत ही सटीक और वैज्ञानिक जिज्ञासा है। खगोल विज्ञान (Astronomy) में शरद संपात (Autumnal Equinox) और किसी स्थान पर दिन-रात का वास्तव में बराबर होना (Equilux)-ये दोनों दो अलग-अलग स्थितियाँ हैं।
23 सितम्बर को संपात होने और आपके स्थान पर 27 सितम्बर के आसपास दिन-रात बराबर (12 घंटे) दिखने के पीछे मुख्य रूप से तीन खगोलीय व भौगोलिक कारण होते हैं:
1. संपात (Equinox) की परिभाषा ज्यामितीय है
खगोल विज्ञान के अनुसार, शरद संपात (22–23 सितम्बर) वह सटीक क्षण होता है जब सूर्य की किरणें पृथ्वी की भूमध्य रेखा (Equator) पर लंबवत (90°) पड़ती हैं।
❀ यह घटना पूरे आकाशीय गोले पर सूर्य के केंद्रबिंदु (Center of Sun) के आधार पर तय होती है।
❀ गणितीय रूप से भूमध्य रेखा पर इस दिन सूर्य का क्रांत्यंश (Declination) शून्य ($0^\circ$) हो जाता है।
2. सूर्य का आकार और सूर्योदय/सूर्यास्त की परिभाषा
पंचांग या वेधशालाओं में दिनमान की गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के समय से की जाती है:
❀ सूर्योदय तब माना जाता है जब सूर्य के बिम्ब का ऊपरी किनारा (Upper Limb) क्षितिज पर दिखाई देता है, न कि उसका केंद्र।
❀ सूर्यास्त तब माना जाता है जब सूर्य का अंतिम सिरा (Upper Limb) क्षितिज के नीचे पूरी तरह डूब जाता है।
❀ चूँकि सूर्य एक बिंदु नहीं बल्कि लगभग 0.5 degree (32 आर्कमिनट) का एक बड़ा बिम्ब है, इसलिए केवल इस किनारे की परिभाषा की वजह से ही दिन के समय में लगभग 2 से 3 मिनट जुड़ जाते हैं।
3. वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction)
पृथ्वी का वायुमंडल एक लेंस की तरह काम करता है:
❀ जब सूर्य वास्तव में क्षितिज के नीचे होता है, तब भी वायुमंडलीय अपवर्तन (प्रकाश के मुड़ने) के कारण वह हमें क्षितिज से ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है।
❀ इस अपवर्तन के कारण सूर्योदय लगभग 2 से 3 मिनट पहले दिखता है और सूर्यास्त लगभग 2 से 3 मिनट देर तक होता है।
❀ परिणामस्वरुप, 23 सितम्बर को जब सूर्य बिल्कुल बीच में होता है, तब भी अपवर्तन और सौर बिम्ब के आकार के कारण दिन, रात से लगभग 7–8 मिनट बड़ा दिखाई देता है।
4. अक्षांश (Latitude) का प्रभाव - 'इक्विनॉक्स' बनाम 'इक्विलक्स'
❀ इक्विनॉक्स (Equinox - 23 सितम्बर): सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होता है।
❀ इक्विलक्स (Equilux - 27 सितम्बर): वह दिन जब किसी स्थानीय अक्षांश पर प्रत्यक्ष रूप से दिनमान और रात्रिमान बराबर (12-12 घंटे) दिखाई देते हैं।
❀ जैसे-जैसे आप भूमध्य रेखा से उत्तर की ओर जाते हैं, दिन को वास्तविक रूप से 12 घंटे पर आने में संपात के बाद 3 से 4 दिन का अतिरिक्त समय लग जाता है।
23 सितम्बर को खगोलीय रूप से संपात ही होता है, लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल (अपवर्तन), सौर बिम्ब के विस्तार और आपके स्थान के अक्षांश के कारण दृश्य दिनमान और रात्रिमान बिल्कुल बराबर 27 सितम्बर को आकर होते हैं।
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