हनुमान जयंती कब है? - Hanuman Jayanti Kab Hai
हनुमान जयन्ती 2026 - बृहस्पतिवार, 2 अप्रैल 2026 [स्थान - नई दिल्ली]
श्री हनुमान जन्मोत्सव पूर्णिमा तिथि - 1 अप्रैल 2026 को 07:06 AM - 2 अप्रैल 2026 को 07:41 AM
हनुमान जयंती पर पूजा विधि
❀ हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंगबली की विशेष पूजा की जाती है।
❀ प्रात:काल उठकर संकल्प लें। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करें और दान-पुण्य आदि करें।
❀ हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी की मूर्ति को सिंदूर चढ़ाएं।
❀ हनुमान जी के साथ ही भगवान राम और माता सीता की पूजा करें।
❀ हनुमान जी को लाल चंदन, अक्षत, मौली, फूल, धूप-दीप, वस्त्र, फल, पान आदि अर्पित करें।
❀ हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। इसके बाद आरती के साथ पूजा संपन्न करें और प्रसाद बांटें।
❀ हनुमान जी का आशीर्वाद लेने के लिए ओम हं हनुमते नमः और ओम नमो भगवते हनुमते नमः का जाप करें।
श्री हनुमान
केसरी तथा माता अंजना के पुत्र श्री हनुमान को महावीर, बजरंगबली, मारुती, पवनपुत्र, अंजनीपुत्र तथा केसरीनन्दन के नाम से भी जाना जाता है। पवनपुत्र हनुमान को भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार माना जाता है, अतः प्रत्येक हनुमान मंदिर में शिवलिंग स्थापित की जाती है।
हनुमानजी की प्रतिमा पर लगा सिन्दूर अत्यन्त पवित्र माना जाता है। भक्तगण प्रायः इस सिन्दूर का तिलक अपने मस्तक पर लगाते हैं। ऐसा माना जाता है, कि इस तिलक के माध्यम से भक्त श्री हनुमानजी की कृपा से उन्हीं की तरह शक्तिशाली, ऊर्जावान तथा संयमित होजाते हैं।
श्री पंचमुखी हनुमान
अहिरावण ने माँ भवानी के लिए पाँच दीपक जलाए थे, जिन्हें पांच दिशाओं मे पांच अलग-अलग जगहों पर रखा गया। इन पाँच दीपकों को एक साथ बुझाने पर ही अहिरावण का वध संभव था। अतः अहिरावण के वध हेतु हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धारण किया।
श्री पंचमुखी हनुमान के पाँच मुख इस प्रकार हैं, उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम में गरुड़ मुख, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख एवं पूर्व दिशा में हनुमान मुख। इस रूप को धारण कर उन्होंने सभी पांचों दीप बुझाए तथा अहिरावण का वध कर श्री राम और लक्ष्मण को मुक्त कराया।
संबंधित जानकारियाँ
भविष्य के त्यौहार
9 April 202828 April 202918 April 2030
शुरुआत तिथि
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
समाप्ति तिथि
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
मंत्र
ॐ हनु हनुमते नमो नमः, श्री हनुमते नमो नमः।
कारण
श्री हनुमान का अवतरण दिवस।
उत्सव विधि
उपवास, श्री हनुमंत लाल पर सिंदूर चढ़ाएँ, हनुमंत ध्वजा, प्रार्थना, भजन / कीर्तन।
महत्वपूर्ण जगह
हनुमान मंदिर, घर।
पिछले त्यौहार
हनुमान जयन्ती 2026 : 2 April 2026, 12 April 2025, 23 April 2024, 6 April 2023, 16 April 2022, 27 April 2021
अगर आपको यह त्योहार पसंद है, तो कृपया
शेयर,
लाइक या
कॉमेंट जरूर करें!
भक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस त्योहार को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें

* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।