आजा भक्तो की सुनके पुकार, ओ मरघट वाले बाबा जी: भजन (Aaja Bhakto Ki Sun Ke Pukar O Marghat Wale Baba Ji)


आजा भक्तो की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,
रोज करते है तेरा इंतजार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,
आजा भक्तों की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी ॥
मिल जाए जो तेरा सहारा,
कट जाएगा कष्ट हमारा,
लिए बैठे है फूलों के हार,
लिए बैठे है फूलों के हार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,
आजा भक्तों की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी ॥

रस्ते में तेरे नैन बिछाए,
बैठे है हम आस लगाए,
और आएँगे मंगल शनिवार,
और आएँगे मंगल शनिवार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,
आजा भक्तों की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी ॥

महिमा तेरी सबसे निराली,
द्वार पे तेरे आके सवाली,
तेरी आरती उतारे बारम्बार,
तेरी आरती उतारे बारम्बार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,
आजा भक्तों की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी ॥

आजा भक्तो की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,
रोज करते है तेरा इंतजार,
ओ मरघट वाले बाबा जी,
आजा भक्तों की सुनके पुकार,
ओ मरघट वाले बाबा जी ॥
Aaja Bhakto Ki Sun Ke Pukar O Marghat Wale Baba Ji - Read in English
Aaja Bhakto Ki Sunake Pukar, O Marghat Wale Baba Ji, Roj Karate Hai Tera Intijar, O Marghat Wale Baba Ji, Aaja Bhakto Ki Sunake Pukar, O Marghat Wale Baba Ji ॥
Bhajan Hanuman BhajanBalaji BhajanBajrangbali BhajanHanuman Janmotsav BhajanHanuman Jyanti BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Path BhajanSundar Kand Path Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

राधे पूछ रही तुलसा से - भजन

राधे पूछ रही तुलसा से, तुलसा कहाँ तेरा ससुराल । कहाँ तेरा ससुराल तुलसा,कौन तेरे भरतार ।

हे राम, हे राम - भजन

हे राम, हे राम, जग में साचो तेरो नाम, हे राम, हे राम, तू ही माता, तू ही पिता है

मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन - भजन

मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया। जो भी अपने पास है..

मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे - भजन

मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे, भोले बाबा जी की आँखों के तारे, प्रभु सभा बीच में आ जाना आ जाना...

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥