टेक - मोला लागे हे लगन वो तोर, मोर दुरगा हो माँ
चढ़ - तोर चरन के मोला दास बनाले, दास बनाले हो माँ
कोन जनी कइसे मोला, लागे तोर लगन वो
तोर सेवा म दाई, रहिथों मगन वो
चढ़ - विनती हे अतके मोरे शरण मा ओधाले,
शरन मा ओधाले हो माँ
भक्तिभारत लिरिक्स
करत रहिथों पूजा पाठ, जानव नई धरम वो
दिन रात तोरे सेवा, इही मोर करम वो
चढ़ - तोर सेउक के थोकन, सुध लमाले
सुध लमाले हो माँ
नई चाही काहीं मोला, चाही बस चरन तोर
अतका बस करदे दाई, कहावंव भगत तोर
चढ़ - तहूं भगती के गौतम, साध बुताले