राधा रमण मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के वृंदावन में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह भगवान कृष्ण को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है, जहाँ उनकी पूजा राधा रमण (अर्थात \"राधा के प्रिय\") के रूप में की जाती है। राधा रमण मंदिर बांके बिहारी मंदिर से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बांके बिहारी मंदिर की तुलना में यह मंदिर अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन अत्यंत शांत और आध्यात्मिक रूप से गहन है, जो अधिक पारंपरिक और आत्मीय अनुभव की तलाश करने वाले भक्तों को आकर्षित करता है।
राधा रमण मंदिर का इतिहास और वास्तुकला
राधा रमण मंदिर की स्थापना वृंदावन के छह गोस्वामी में से एक गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा लगभग 1542 ईस्वी में की गई थी। यह मंदिर अपनी सुंदर प्रतिमा, विस्तृत अनुष्ठानों और सदियों से चली आ रही पारंपरिक पूजा पद्धतियों के लिए जाना जाता है।
यहाँ के मुख्य देवता प्रभु राधा रमण हैं (कृष्ण का एक स्वयंभू रूप, जिनके बारे में माना जाता है कि वे शालिग्राम शिला से प्रकट हुए थे)। इसकी एक अनूठी विशेषता है: यहाँ राधा की कोई अलग मूर्ति नहीं है—उन्हें कृष्ण के बगल में रखे मुकुट द्वारा दर्शाया गया है।
भक्तिभारत के अनुसार, यह वृंदावन के सात प्रमुख मंदिरों (सप्त देवालय) में से एक है। कई अन्य मंदिरों के विपरीत, मुगल आक्रमणों के दौरान मूल मूर्ति को स्थानांतरित नहीं किया गया था और वह आज भी वृंदावन में ही है।
राधा रमण मंदिर का दर्शन समय:
मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक है। मंदिर में सेवा और आरती का एक निश्चित कार्यक्रम है।
राधा रमण मंदिर के प्रमुख त्यौहार:
राधा रमण मंदिर के प्रमुख त्यौहार श्री राधा रमण जी का प्रकटोत्सव (वैशाख पूर्णिमा), जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली, झूलन यात्रा, शरद पूर्णिमा और 17 दिवसीय चंदन यात्रा हैं।
राधा रमण मंदिर कैसे पहुँचें
राधा रमण मंदिर वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के पास स्थित है, जो बांके बिहारी मंदिर से पैदल दूरी पर है। मथुरा जंक्शन से यह मात्र 14 किमी दूर है दिल्ली से NH-44 (150 किमी) होते हुए यहाँ पहुँचा जा सकता है। निकटतम हवाई अड्डा दिल्ली आईजीआई है।
प्रचलित नाम: श्री राधारमण जी मंदिर