संकटा देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी जिले में स्थित है। यह आस्था, भक्ति और चमत्कारों का एक प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर को न केवल शहर की सर्वोपरि देवी के रूप में पूजा जाता है, बल्कि यह हजारों वर्षों से भक्तों के लिए भक्ति का स्तंभ भी रहा है। मंदिर का माता लक्ष्मी को समर्पित होना ही शहर के नाम लक्ष्मीपुर के कारण पड़ा, जो बाद में लखीमपुर हो गया।
संकटा देवी मंदिर लखीमपुर का इतिहास और वास्तुकला
❀ माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 5,500 वर्ष पुराना है। मंदिर का जीर्णोद्धार महेवा राजपरिवार द्वारा किया गया था।
❀ पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद भगवान कृष्ण अपनी पत्नी रुक्मिणी के साथ पशुपतिनाथ मंदिर जा रहे थे। रास्ते में रुक्मिणी ने माता के दर्शन की इच्छा व्यक्त की, तब श्री कृष्ण ने इस स्थान पर देवी लक्ष्मी का आह्वान किया और यहाँ एक मंदिर की स्थापना की।
❀ उन्होंने तीन शक्तियों की स्थापना भी की: देवी लक्ष्मी (संकट देवी), देवी सरस्वती (बंकता देवी), देवी दुर्गा (शीतला देवी)।
❀ इस प्रकार, महाभारत काल के तीन सिद्ध शक्तिपीठों में यह स्थान सर्वोपरि माना जाता है।
❀ माता संकट देवी को संकटों को दूर करने वाली देवी माना जाता है। भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से की गई हर मनोकामना पूरी होती है और माता अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।
❀ आज भी मंदिर परिसर के भीतर कई शुभ आयोजन किए जाते हैं, जैसे विवाह, मुंडन, अन्नप्राशन, नामकरण आदि।
संकटा देवी मंदिर लखीमपुर का दर्शन समय
मंदिर सप्ताह भर खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक है। मंदिर में प्रतिदिन पांच आरती होती हैं, जिनमें से प्रत्येक का विशेष धार्मिक महत्व है।
1. मंगल आरती - सुबह 5:00 बजे, दिन की शुरुआत माता के दिव्य आशीर्वाद से होती है।
2. प्रातःकालीन आरती - सुबह 7:30 बजे, इस दौरान माता को भव्य पुष्प अलंकरण से सजाया जाता है।
3. मध्याह्न आरती - दोपहर 12:30 बजे। इस आरती के बाद मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहता है।
4. संध्या आरती - शाम 7:30 बजे। इस समय का वातावरण अत्यंत शांत और भक्तिमय होता है।
5. सायन आरती - रात 9:30 बजे। इस आरती के बाद मंदिर बंद रहता है।
संकटा देवी मंदिर लखीमपुर में प्रमुख त्यौहार
❀ संकट देवी मंदिर में पूरे वर्ष अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं, लेकिन कुछ विशेष अवसर विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले और भव्य होते हैं: नवरात्रि, संकट चतुर्थी, दिवाली, जन्माष्टमी, शीतला अष्टमी।
❀ प्रत्येक त्यौहार पर विशेष सजावट और महा आरती की जाती है। मंदिर परिसर उत्सवमय वातावरण, भक्तों की भारी भीड़ और भक्ति के अद्भुत संगम से सराबोर रहता है।
संकटा देवी मंदिर लखीमपुर कैसे पहुँचें
संकट देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी के मध्य में स्थित है, जिससे यहाँ पहुँचना काफी आसान है। लखीमपुर खेरी सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन लखीमपुर स्टेशन है
प्रचलित नाम: संकटा माता मंदिर