सीता नवमी | वट सावित्री व्रत | आज का भजन! | भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

हम तो दीवाने मुरलिया के,अजा अजा रे लाल यशोदा के।


हम तो दीवाने मुरलिया के,
अजा अजा रे लाल यशोदा के।

तेरी बाट जोहे राधा गोरी,
वो तो आई है चोरी चोरी।
कहा देर करी सवारिया,
हम तो दीवाने मुरलिया के॥

आई पूनम की रात सुहानी,
जहाँ प्रीत की बजे शहनाई।
अजा अजा रे कुंवर कन्हाई,
हम तो दीवाने मुरलिया के॥

अब काली घटा घिर आई,
जहाँ पवन चले पुरवाई।
मेरी चुनर उढ़ उढ़ जाए,
हम तो दीवाने मुरलिया के॥

मेरी बीच भवर में है नईया,
मेरी नईया का तू ही खिवईया।
मेरी पार लगा जा नईया,
आजा आजा रे कृष्ण कन्हैया॥

हम तो दीवाने मुरलिया के,
अजा अजा रे लाल यशोदा के।


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