Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कृपालु भगवन् कृपा हो करते: भजन (Krapalu Bhagwan Kriya Ho Karte)


कृपालु भगवन् कृपा हो करते,
इसी कृपा से नर तन मिला है ।
दयालु भगवन् दया हो करते,
इसी दया से ये मन मिला है ॥
अजर, अमर तुम हो सृष्टिकर्ता,
अनुपम, अनादि हो जग के भर्ता ।
अभय, अजन्मा हो जग के स्वामी,
आकार तेरा नहीं मिला है ॥

ब्रह्माण्ड रचते हो तुम स्वयं ही,
न शक्तिमत्ता तुम जैसी कोई ।
कण-कण के योजक हे जगनियन्ता!
इच्छा से तेरी हर कण हिला है ॥

है कैसी अद्भुत कारीगरी ये,
जो कोई देखे होता अचम्भित ।
न हाथ सुई लेकर के धागा,
मानुष का चोला कैसे सिला है ॥

हो करते कतरन तुम न्यारी-न्यारी,
विविध रंगों से भरी फुलवारी ।
सौरभ सुमन की मैं जाऊँ वारी,
चमन का हर गुल सुन्दर खिला है ॥

विविध खनिज से भरी है वसुधा,
क्या स्वर्ण, चान्दी क्या ताम्र, लौहा ।
है प्राणवायु कैसी देती जो जीवन,
भण्डार जन-धन सबको मिला है ॥

हैं कैसे जलचर रहते ही जल में,
अन्दर ही कैसे हैं श्वास लेते ।
हैं कुछ उभयचर प्राणी जगत् में,
टू इन ये वन में मुझको मिला है ॥

है न्यायकारिन्! हो न्याय करते,
किया हो जैसा वैसा हो भरते ।
ना तोलते कम और ना जियादा,
चलता निरन्तर ये सिलसिला है ॥

न तुम हो खाते बस हो खिलाते,
न तुम हो पीते बस हो पिलाते ।
भर-भर के आनन्द का रस पिलाया,
आनन्द से मन कमल खिला है ॥

पग पाप पथ पर कभी बढे़ ना,
पुण्यों की सरणि पर नित बढूँ मैं ।
`नन्दकिशोर` बढ़ो अभय मन,
मुश्किल से मानव का तन मिला है ॥

- नन्दकिशोर आर्य

Krapalu Bhagwan Kriya Ho Karte in English

Kripalu Bhagwan Kripa Ho Karte, Isi Kripa Se Nar Tan Mila Hai । Dayalu Bhagwan Daya Ho Karte
यह भी जानें

Bhajan Arya Samaj BhajanVedik BhajanPrabhu BhajanAll Time BhajanSatsang Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हे विनय विनायक विनती करा: भजन

हे विनय विनायक विनती करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी, निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो, निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो, मन मंदिर में सत्कार करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

जय जय गणपति गौरी नंदन: भजन

जय जय गणपति गौरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु, तुम रिद्धि सिद्धि के हो दाता, हम भक्तन पर बलिहारी प्रभु, जय जय गणपति गौंरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

मेरे घर गणपति जी है आए: भजन

मेरे घर गणपति जी है आए, मेरे घर गणपति जी है आये, मैं अपने दुःख को, मैं अपने दुःख को हूँ बिसराये, वो खुशियां अपने साथ है लाए,
मेरे घर गणपति जी है आए ॥

गणपति गजवदन वीनायक: भजन

गणपति गजवदन वीनायक, थाने प्रथम मनावा जी, आना कानी मत ना करीयो, थारी किरपा चावा जी, गणपति गजवदन विनायक, थाने प्रथम मनावा जी ॥

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन: भजन

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन, खेलतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन ॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे - भजन

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे, स्वागत तुम्हारा हे गणराजा, जागे हैं भाग हमारे

गणपति की सेवा मंगल मेवा

गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता,द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP