पितृ पक्ष | शारदीय नवरात्रि | शरद पूर्णिमा | आज का भजन!

हवन-यज्ञ प्रार्थना: पूजनीय प्रभो हमारे.. (Hawan Prarthana: Pujniya Prabhu Hamare)


पूजनीय प्रभो हमारे,
भाव उज्जवल कीजिये ।
छोड़ देवें छल कपट को,
मानसिक बल दीजिये ॥ १॥

वेद की बोलें ऋचाएं,
सत्य को धारण करें ।
हर्ष में हो मग्न सारे,
शोक-सागर से तरें ॥ २॥

अश्व्मेधादिक रचायें,
यज्ञ पर-उपकार को ।
धर्मं- मर्यादा चलाकर,
लाभ दें संसार को ॥ ३॥

नित्य श्रद्धा-भक्ति से,
यज्ञादि हम करते रहें ।
रोग-पीड़ित विश्व के,
संताप सब हरतें रहें ॥ ४॥

भावना मिट जाये मन से,
पाप अत्याचार की ।
कामनाएं पूर्ण होवें,
यज्ञ से नर-नारि की ॥ ५॥

लाभकारी हो हवन,
हर जीवधारी के लिए ।
वायु जल सर्वत्र हों,
शुभ गंध को धारण किये ॥ ६॥

स्वार्थ-भाव मिटे हमारा,
प्रेम-पथ विस्तार हो ।
'इदं न मम' का सार्थक,
प्रत्येक में व्यवहार हो ॥ ७॥

प्रेमरस में मग्न होकर,
वंदना हम कर रहे ।
'नाथ' करुणारूप ! करुणा,
आपकी सब पर रहे ॥ ८॥

Hawan Prarthana: Pujniya Prabhu Hamare - Available in English

Poojaniy Prabho Hamare, Bhav Ujjawal Keejiye। Chhod Deven Chhal Kapat Ko...
यह भी जानें

AartiArya Samaj AartiVed AartiVedic AartiHawan AartiYagya Aarti


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

आरती: श्री विश्वकर्मा जी

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा॥

आरती: श्री गणेश जी

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥...

आरती: श्री गणेश - शेंदुर लाल चढ़ायो!

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको। दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको।...

भोग आरती: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन, भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल, रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…

आरती: श्री राणी सती दादी जी

ॐ जय श्री राणी सती माता, मैया जय राणी सती माता। अपने भक्त जनन की दूर करन विपत्ती॥ ॐ जय॥

हवन-यज्ञ प्रार्थना: पूजनीय प्रभो हमारे..

पूजनीय प्रभो हमारे, भाव उज्जवल कीजिये। छोड़ देवें छल कपट को, मानसिक बल दीजिये॥

श्री सत्यनारायण जी आरती

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥

आरती: श्री पार्वती माँ

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता, ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता...

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।...

आरती: श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं।...

top