Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बटगणेश मंदिर, पुरी जगन्नाथ मंदिर में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi at Batganesh Mandir, Puri Jagannath Temple)

जगन्नाथ मंदिर पुरी के बटगणेश मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस गणेश मंदिर को बटगणेश मंदिर कहा जाता है और यह कल्पबट (इच्छा पूर्ति बरगद के पेड़) के पास जगन्नाथ मंदिर के दक्षिण की ओर है। मूर्ति पत्थर की बनी है और इसका मुख दक्षिण दिशा की ओर है।
यह मंदिर कल्पबट की जड़ में स्थित है। इस मंदिर की ऊंचाई 12 फीट है। मूर्ति की ऊंचाई 4 फीट है। भगवान गणेश शांत मुद्रा में अपने सिंहासन पर विराजमान हैं। उनकी चार भुजाएँ हैं। दाहिने दो हाथ रुद्राक्ष की माला, लेखनी (पेन), एक हाथी का टूटा हुआ दांत से सुशोभित हैं। बाएं दो हाथ एक हथियार (परशु) और लड्डू (मीठा) से सुशोभित हैं। उनका बहक चुहा ग्रेनिट पथर से बना हुआ है, उनके सामने स्थित है। ग्रेनाइट चुहा के पिछले हिस्से को छूते हुए कुछ सेकंड वास्तविक चुहा दृश्य की भावना महसूस की जा सकती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश कल्पतरु की तरह सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं।

श्री मंदिर निर्माण के बाद सबसे पहले बटगणेश की पूजा की गई। श्री बटगणेश के दैनिक अनुष्ठानों का प्रबंधन श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन द्वारा किया जाता है। भाद्रब मास के महीने में, गणेश चतुर्थी का दिन पवित्र रूप से मनाया जाता है।

गणेश उत्सव के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

Ganesh Chaturthi at Batganesh Mandir, Puri Jagannath Temple in English

Every year Ganesh Chaturthi festival celebrate with huge pomp at Batganesh Mandir, Jagannath Temple Puri.
यह भी जानें

Blogs Ganesh Chaturthi BlogsVinayak Chaturthi BlogsGanesh Puja BlogsBatganesh Mandir Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

ब्लॉग ›

भद्रा विचार क्या है

जब भी किसी शुभ और शुभ कार्य का शुभ मुहूर्त देखा जाता है तो उसमें भद्रा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है और कोई भी शुभ कार्य भद्रा के समय को छोड़कर दूसरे मुहूर्त में किया जाता है।

पवित्र कार्तिक मास में क्या करें?

कार्तिक मास (माह) हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र महीना है, इस महीने की अधिष्ठात्री देवी श्रीमती राधारानी हैं।

दिवाली की शुभकामनाएं हिंदी और संस्कृत में

हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में दिवाली की शुभकामनाएं। धनतेरस, काली चौदस, एक दीपक दिवाली, दिवाली, लक्ष्मी पूजा, नरक चतुर्दशी, अन्नकूट, भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजा की शुभकामनाएं।

देवघर के आस-पास घूमने की सबसे अच्छी जगह

अगर आप देवघर जाने की योजना बना रहे हैं तो बाबा बैद्यनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा आप देवघर में और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। शिवगंगा | त्रिकूट पर्वत | नंदन पहाड़ी | सत्संग आश्रम | नौलखा मंदिर | तपोवन | रिखियापीठ आश्रम | हरिला जोरिक | श्रीनिवास आंगन | देवसंगा मठ

12 ज्योतिर्लिंग: भक्त कहाँ पवित्र शिवलिंग को छू सकते हैं?

12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन और स्पर्श के नियम हर मंदिर में एक जैसे नहीं हैं। कुछ मंदिरों में श्रद्धालुओं को सीधे पवित्र शिवलिंग का स्पर्श करने या पूजा करने की अनुमति होती है, जबकि अन्य मंदिरों में शिवलिंग को छूने पर प्रतिबंध होता है और दर्शन निर्धारित दूरी से करने होते हैं।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

मैसूर दशहरा

मैसूर दशहरा 10 दिनों तक चलने वाला त्योहार है जो बहुत ही धूमधाम के साथ मैसूर में मनाया जाता है | मैसूर दशहरा कैसे मनाया जाता है? | मैसूर दशहरा महोत्सव 2024 कब शुरू होगा

Om Jai Jagdish Hare Aarti - Om Jai Jagdish Hare Aarti
Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan
Bhakti Bharat APP