Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बटगणेश मंदिर, पुरी जगन्नाथ मंदिर में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi at Batganesh Mandir, Puri Jagannath Temple)

जगन्नाथ मंदिर पुरी के बटगणेश मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस गणेश मंदिर को बटगणेश मंदिर कहा जाता है और यह कल्पबट (इच्छा पूर्ति बरगद के पेड़) के पास जगन्नाथ मंदिर के दक्षिण की ओर है। मूर्ति पत्थर की बनी है और इसका मुख दक्षिण दिशा की ओर है।
यह मंदिर कल्पबट की जड़ में स्थित है। इस मंदिर की ऊंचाई 12 फीट है। मूर्ति की ऊंचाई 4 फीट है। भगवान गणेश शांत मुद्रा में अपने सिंहासन पर विराजमान हैं। उनकी चार भुजाएँ हैं। दाहिने दो हाथ रुद्राक्ष की माला, लेखनी (पेन), एक हाथी का टूटा हुआ दांत से सुशोभित हैं। बाएं दो हाथ एक हथियार (परशु) और लड्डू (मीठा) से सुशोभित हैं। उनका बहक चुहा ग्रेनिट पथर से बना हुआ है, उनके सामने स्थित है। ग्रेनाइट चुहा के पिछले हिस्से को छूते हुए कुछ सेकंड वास्तविक चुहा दृश्य की भावना महसूस की जा सकती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश कल्पतरु की तरह सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं।

श्री मंदिर निर्माण के बाद सबसे पहले बटगणेश की पूजा की गई। श्री बटगणेश के दैनिक अनुष्ठानों का प्रबंधन श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन द्वारा किया जाता है। भाद्रब मास के महीने में, गणेश चतुर्थी का दिन पवित्र रूप से मनाया जाता है।

गणेश उत्सव के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

Ganesh Chaturthi at Batganesh Mandir, Puri Jagannath Temple in English

Every year Ganesh Chaturthi festival celebrate with huge pomp at Batganesh Mandir, Jagannath Temple Puri.
यह भी जानें

Blogs Ganesh Chaturthi BlogsVinayak Chaturthi BlogsGanesh Puja BlogsBatganesh Mandir Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

क्या रंग महोत्सव होली विदेशों में प्रसिद्ध है?

होली भारत के बाहर तेजी से लोकप्रिय हो गई है - बड़े हिस्से में दुनिया भर में लाखों सनातन अनुयायियों के कारण। एक अन्य भारतीय त्योहार दिवाली की तरह, विदेशों में रहने वाले दक्षिण एशियाई विरासत वाले समुदाय अक्सर होली मनाने के लिए एकत्र होते हैं।

बांके बिहारी मंदिर में घंटियाँ क्यों नहीं हैं?

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर कई मायनों में अनोखा है, और इसकी सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक यह है कि मंदिर में घंटियाँ नहीं हैं।

खाटू श्याम निशान यात्रा क्या है?

निशान यात्रा एक तरह की पदयात्रा होती है, श्री श्याम ध्वज हाथ में उठाकर श्याम बाबा को चढाने खाटू श्याम जी मंदिर तक आते है।..

होली विशेष 2026

आइए जानें! भारत मे तीन दिनों तक चलने वाला तथा ब्रजभूमि मे पाँच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव से जुड़ी कुछ विशेष जानकारियाँ, आरतियाँ एवं भजन...

महा शिवरात्रि विशेष 2026

महा शिवरात्रि का उत्सव बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाएगा। महा शिवरात्रि क्यों, कब, कहाँ और कैसे? | आरती: | चालीसा | मंत्र | नामावली | कथा | मंदिर | भजन

एकादशी के दिन क्या करें?

हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार एकादशी चंद्र चक्र का ग्यारहवां दिन है, यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखते हैं और संरक्षित करते हैं, भक्त एक दिन का उपवास रखते हैं ।

जर्मनी के प्रसिद्ध हिंदू मंदिर

जर्मनी के हिंदू मंदिर देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता में योगदान करते हैं। जर्मनी के हिंदू धर्म अनुयायी ने पूरे देश में मंदिरों की स्थापना की है। यहां, हम आपके साथ जर्मनी के कुछ प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों को साझा कर रहे हैं।

Om Jai Jagdish Hare Aarti - Om Jai Jagdish Hare Aarti
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP