Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

सावन के सोमवर व्रत का महत्व एवं इसके लाभ? (Importance of Sawan Somvar Vrat and its benefits?)

सावन के सोमवर व्रत का महत्व एवं इसके लाभ?
सावन माह में सोमवार का दिन विशेष माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है, इसलिए सावन माह में सोमवार का महत्व काफी बढ़ जाता है। सोमवार के दिन शिव भक्त भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि सावन माह में शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएँ अवश्य पूरी होती हैं।
सावन सोमवार पूजा विधि:
शिवजी की पूजा बहुत आसान है। भोलेनाथ केवल एक लोटा जल और एक पत्ता अर्पित करने से ही प्रसन्न हो जाते हैं। सावन सोमवार की सुबह जल्दी उठें। इसके बाद शिव पूजन में प्रयुक्त सामग्री एकत्र करें और घर के पास स्थित शिव मंदिर में जाकर पूजा करें।

भगवान शिव और माता पार्वती को सभी पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद भगवान को प्रणाम करें। ध्यान रखें कि शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय शिव के मंत्रों का निरंतर जाप करते रहें।

रुद्राभिषेक:
रुद्राभिषेक से सभी भगवान के अभिषेक का फल भी उसी क्षण प्राप्त हो जाता है। रुद्राभिषेक में ब्रह्मांड की समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने की शक्ति है, अतः अपनी आवश्यकतानुसार विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक करके भक्त मनचाही कामना प्राप्त कर सकता है। इनमें दूध से संतान प्राप्ति, गन्ने के रस से उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति, शहद से कर्ज मुक्ति, कुश व जल से रोगों से मुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी तथा तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति शामिल है।

शिवजी का प्रिय पुष्प:
भगवान शिव को धतूरे के फूल बहुत प्रिय हैं। इसके अलावा, आप भगवान शिव को हरसिंगार, नागकेसर के सफेद फूल, कनेर, आक, कुश आदि के फूल चढ़ा सकते हैं।

सावन में कैसे करें व्रत, क्या हैं नियम?
भक्तगण पूरे विधि-विधान से शिवजी को प्रसन्न करने के लिए सोमवार का व्रत रखते हैं। इस व्रत में, सुबह स्नान आदि के बाद, भक्त भोलेनाथ का फल, दूध और जलाभिषेक से पूजन-अर्चन करते हैं। इस दिन, पूरे दिन व्रत रखने के बाद, शाम को भोजन ग्रहण करते हैं।

सावन व्रत में क्या खाएं?
हर किसी के व्रत के अपने नियम और परंपराएँ होती हैं, कुछ लोगों को मीठा खाना पसंद होता है तो कुछ लोगों को नमकीन। व्रत में लोग अक्सर सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं और इसी से तमाम व्यंजन भी बनते हैं, जिन्हें आप आराम से बनाकर खा सकते हैं।

शिव मंत्र:
ॐ नमः शिवाय॥
नम: शिवाय॥
ॐ ह्रीं ह्रौं नम: शिवाय॥
ॐ पार्वतीपतये नम:॥
ॐ पशुपतये नम:॥
ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नम: ॐ ॥

Importance of Sawan Somvar Vrat and its benefits? in English

Monday is considered special in the month of Sawan. The day of Monday is dedicated to Bhagwan Shiv, so the importance of Monday in the month of Sawan increases considerably.
यह भी जानें

Blogs Somvar BlogsMonday BlogsFast BlogsVrat BlogsSawan Somvar Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

अभिजीत मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय का शुभ मुहूर्त है जो लगभग 48 मिनट तक रहता है। अभिजीत मुहूर्त असंख्य दोषों को नष्ट करने में सक्षम है और सभी प्रकार के शुभ कार्यों को शुरू करने के लिए इसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक माना जाता है।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

पुरुषोत्तम मास या अधिक मास या मलमास!

धर्म ग्रंथों के अनुसार तीन वर्ष में एक बार पुरुषोत्तम मास आता है। इसे अधिक मास भी कहते है।

चुनाव में मंदिर, मठ एवं आश्रमों का महत्व

माना जाता है कि सनातन प्रेमी हर चुनाव में जीत का एक निर्णायक पहलू होते हैं। और इन सनातन प्रेमियों(सनातन प्रेमी वोटर) का केंद्र होते हैं ये मंदिर, मठ एवं आश्रम। राजनीतिक उम्मीदवारों की जीत संख्याबल पर निर्धारित होती है। अतः चुनाव आते ही राजनैतिक उम्मीदवार हिंदू मंदिरों, मठों एवं आश्रमों की तरफ स्वतः ही खिचे चले आते हैं।

नर नारायण देव गादी क्या है?

नरनारायण देव गादी, जिसका नाम नरनारायण देव के नाम पर रखा गया है।

ब्रम्हा मुहूर्त क्या होता है?

वेदों में ब्रह्म मुहूर्त को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में निद्रा त्यागने से विद्या, बुद्दि, स्वास्थ्य और बल प्राप्त होते हैं। किसी भी काम ब्रह्म मुहूर्त में शुरू करना बहुत उत्तम माना गया है।

स्नान यात्रा

स्नान यात्रा जो कि देवस्नान पूर्णिमा या स्नान पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP