Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

गोस्वामी तुलसीदास की श्री हनुमान जी से भेंट - सत्य कथा (Goswami Tulsidas Ki Hanuman Ji Se Bhent)


Add To Favorites Change Font Size
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा श्री हनुमान जी के दर्शन:
गोस्वामी जी काशी मे प्रह्लाद घाटपर प्रतिदिन वाल्मीकीय रामायण की कथा सुनने जाया करते थे। एक दिन वहाँ एक विचित्र घटना घटी। तुलसीदास जी प्रतिदिन शौच होने जंगल में जाते, लौटते समय जो अवशेष जल होता, उसे एक पीपल के वृक्ष के नीचे गिरा देते। उस पीपल पर एक प्रेत रहता था।
उस जलसे प्रेत की प्यास मिट जाती। जब प्रेत को मालूम हुआ कि ये महात्मा हैं, तब एक दिन प्रत्यक्ष होकर उसने कहा कि तुम्हारी जो इच्छा हो कहो, मैं पूर्ण करूँगा।

तुलसीदास जी ने कहा कि मैं भगवान् श्रीराम का दर्शन करना चाहता हूँ।

प्रेत ने कुछ सोचकर कहा कि भगवान् के दर्शन कराने का सामर्थ्य मुझ में नहीं है परंतु कथा सुनने के लिये प्रतिदिन प्राय: कोढ़ी के वेष में श्री हनुमान जी आते हैं।

वे सबसे पहले आते हैं और सबसे पीछे जाते हैं। समय देखकर उनके चरण पकड़ लेना और हठ करके भगवान् का दर्शन कराने को कहना। तुलसीदासजी ने वैसा ही किया। श्री हनुमान जी ने कहा कि तुम्हें चित्रकूट में भगवान् के दर्शन होंगे, उसके पश्चात तुलसीदास जी चित्रकूट की यात्रा के लिए निकल गये।
यह भी जानें

Prerak-kahani Shri Ram Prerak-kahaniShri Hanuman Prerak-kahaniTulsidas Prerak-kahaniTrue Story Prerak-kahaniTrue Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

दया करते समय व्यापर मत करो - प्रेरक कहानी

हमेशा की तरह दोपहर को सब्जीवाली दरवाजे पर आई और चिल्लाई, चाची- आपको सब्जियां लेनी हैं?
माँ हमेशा की तरह अंदर से चिल्लाई- सब्जियों में क्या-क्या है?
सब्जीवाली- ग्वार, पालक, भिन्डी, आलू, टमाटर

सनातन गोस्वामी का नियम - प्रेरक कहानी

गिरि गोवर्द्धन की नित्य परिक्रमा करना, अब उनकी अवस्था 90 वर्ष की हो गयी थी, नियम पालन मुश्किल हो गया था फिर भी वे किसी प्रकार निबाहे जा रहे थे।..

हे कन्हैया! क्या बिगाड़ा था मैंने तुम्हारा - प्रेरक कहानी

एक औरत रोटी बनाते बनाते ॐ भगवते वासूदेवाय नम: का जाप कर रही थी, अलग से पूजा का समय कहाँ निकाल पाती थी बेचारी, तो बस काम करते करते ही..

श्री गणेश एवं बुढ़िया माई की कहानी

एक बुढ़िया माई थी। मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। रोज बनाए रोज गल जाए। एक सेठ का मकान बन रहा था..

बाँके बिहारी जी का प्रेम - प्रेरक कहानी

एक बार मैं ट्रेन से आ रहा था मेरी साथ वाली सीट पे एक वृद्ध औरत बैठी थी जो लगातार रो रही थी...
मैंने बार बार पूछा मईया क्या हुआ, मईया क्या हुआ?

गंगाजल से भरे घड़े की आत्मा कथा - प्रेरक कहानी

संतों की एक सभा चल रही थी, किसी ने एक दिन एक घड़े में गंगाजल भरकर वहां रखवा दिया ताकि संत जन जब प्यास लगे तो गंगाजल पी सकें।

एक जोड़ी, पैरों के निशान? - प्रेरक कहानी

आपने तो कहा था. कि आप हर समय मेरे साथ रहेंगे, पर मुसीबत के समय मुझे दो की जगह एक जोड़ी ही पैर ही दिखाई दिए...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP