मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
राधा रमण मंदिर @Vrindavan Uttar Pradesh
राधा रमण मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के वृंदावन में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह भगवान कृष्ण को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है, जहाँ उनकी पूजा राधा रमण (अर्थात \"राधा के प्रिय\") के रूप में की जाती है।
| ◉ राधा रामन की मूर्ति एक पवित्र शालिग्राम शिला से स्वतः प्रकट हुई थी। |
| ◉ मंदिर की रसोई में एक पवित्र लौ 500 वर्षों से अधिक समय से जल रही है। |
| ◉ कृष्ण के बगल में रखे मुकुट द्वारा राधा का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व किया गया है। |
श्री राधानयनमणी जी मंदिर @Puri Odisha
To spread the message of Lord Sri Krishna Chaitanya Mahaprabhu श्री राधानयनमणी जी मंदिर (Shri Radhanayanmani Ji Mandir) was established on the birth place of Srila Bhakti Siddhanta Saraswati Prabhupada.
| ◉ Birth Place of Srila Bhakti Siddhanta Saraswati Prabhupada. |
| ◉ Prabhupada Shri Saraswati Ji was the guru of Srila Prabhupada the founder of ISKCON. |
श्री राधा गोविंदजी मंदिर @Rishikesh Uttarakhand
श्री राधा गोविंदजी मंदिर, हरिद्वार रोड (NH-58) पर मुनि की रेती, ऋषिकेश, उत्तराखंड में मधुवन आश्रम परिसर में स्थित है। यह मंदिर राधा और गोविंदा (कृष्ण) को समर्पित है।
| ◉ मंदिर के मुख्य देवता राधा और गोविंद हैं। |
| ◉ मंदिर का मुख्य गुंबद आधार से 100 फीट से भी अधिक ऊँचा है। |
श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर @Gurugram Haryana
श्री मोहन कुंड मंदिर का प्रारम्भ बाबा श्री रामरतन दास जी महाराज द्वारा मोहर कुंड की खुदाई से हुआ, उस समय भगवान श्री कृष्ण अर्थात मोहन को मोहर द्वारा संवोधन किया गया था।
| ◉ मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सबसे नजदीक मंदिर। |
| ◉ पाँच पीढ़ियों की परंपरा से मंदिर के महंत की गद्दी। |
गुवाहाटी विश्वकर्मा मंदिर @Guwahati Assam
गुवाहाटी की विश्वकर्मा मंदिर भगवान विश्वकर्मा को समर्पित एक खास मंदिर है। हिंदू परंपरा में उन्हें दिव्य वास्तुकार, शिल्पकार और इंजीनियर माना जाता है।
| ◉ असम के प्रमुख मंदिरों में से एक है। |
| ◉ 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के दौरान विशेष पूजा मनाई जाती है। |
| ◉ कारीगरों, इंजीनियरों, मैकेनिक्स और श्रमिकों के लिए पूजा का एक महत्वपूर्ण स्थान है। |
कामाख्या मंदिर @Guwahati Assam
कामाख्या शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है जो कामाख्या देवी का बहुत ही प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। यह शक्तिपीठ असम के दिसपुर के नीलांचल पर्वत पर स्थित है।
| ◉ माता शक्ति के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ। |
| ◉ उमानंद भैरव की शक्ति के साथ। |
| ◉ असम के दिसपुर के नीलांचल पर्वत पर स्थित है। |
गणेश टेकरी @Nathdwara Rajasthan
गणेश टेकरी मंदिर नाथद्वारा के सबसे प्राचीनतम मंदिरों मे से एक है। टेकरी का अर्थ होता है पहाड़ी, अर्थात भगवान श्री गणेश की पहाड़ी। यह मंदिर ही नहीं पूरी की पूरी पहाड़ी ही श्री गणेश को समर्पित है..
| ◉ नाथद्वारा के सबसे प्राचीनतम मंदिरों मे से एक। |
| ◉ पर्यटन स्थल, पिकनिक स्पॉट एवं व्यू पॉइंट के लिए प्रसिद्द। |
| ◉ गणेश टेकरी मंदिर, श्री कृष्ण सर्किल के एकदम निकट है। |
खजराना गणेश मंदिर @Indore Madhya Pradesh
खजराना गणेश मंदिर एक हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मध्य प्रदेश राज्य में इंदौर के खजराना क्षेत्र में स्थित है।
| ◉ भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान गणेश की पीठ पर उल्टा स्वस्तिक बनाते हैं। |
| ◉ विनायक चतुर्थी के पर्व पर भगवान गणेश को ढाई करोड़ के आभूषणों से सजाया जाता है। |
| ◉ मंदिर का निर्माण 1735 में होल्कर राजवंश की रानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा किया गया था |
जम्बूद्वीप तीर्थ @Hastinapur Uttar Pradesh
जंबूद्वीप तीर्थ जैन धर्म के सबसे अनूठे और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। यह हस्तिनापुर में स्थित है, जो जैन इतिहास से गहराई से जुड़ा शहर है और कई जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमि है।
| ◉ बीस अद्वितीय मंदिरों का संयोजन। |
| ◉ तीन जैन तीर्थंकरों श्री शांतिनाथ जी, श्री कुंथुनाथ जी और श्री अरहनाथ जी का जन्म कल्याणक स्थान। |
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर @Jaipur Rajasthan
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर, मोती डोंगरी पहाड़ी की चोटी, मोती डूंगरी महल, जयपुर, राजस्थान में स्थित है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और मूर्ति सिन्दूर से ढकी हुई है।
| ◉ भगवान गणेश की प्रतिमा पांच सौ साल से भी अधिक पुरानी है। |
| ◉ भगवान गणेश की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है और सूंड बाईं ओर है जो बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ मानी जाती है। |
| ◉ पौष बड़ा त्योहार में भगवान गणेश को मूंग दाल के लड्डू का भोग लगाया जाता है। |
सारसबाग गणपती मंदिर @Pune Maharashtra
भगवान श्री गणेश को समर्पित सारसबाग गणपती मंदिर का एक सुंदर एवं समृद्ध ऐतिहासिक अतीत है। मंदिर के प्रमुख आराध्य श्री गणेश को श्री सिद्धिविनायक कहा जाता है, क्योंकि इसकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है।
| ◉ महाराष्ट्र के प्राचीनतम ऐतिहासिक मंदिरों में स्थान। |
| ◉ मंदिर, झील, पार्क, व संग्रहालय का सुंदर समावेश। |
| ◉ पेशवा काल के स्वतंत्रता युद्धों का गुप्त मंत्रणा केंद्र। |