मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
नई दिल्ली कालीबाड़ी @Mandir Marg New Delhi
नई दिल्ली कालीबाड़ी (Bengali: নতুন দিল্লী কালীবাড়ি), दिल्ली में बंगाली संस्कृति का प्रमुख केंद्र है, दिल्ली-एनसीआर मे स्थापित यह माँ काली का सबसे पुराना मंदिर है।
| ◉ दिल्ली का पहला कालीबाड़ी मंदिर। |
| ◉ सुभाष चंद्र बोस मंदिर समिति के पहले अध्यक्ष थे। |
| ◉ कोलकाता कालीघाट काली मंदिर से प्रेरित। |
दक्षिण दिल्ली कालीबाड़ी @RK Puram New Delhi
दक्षिण दिल्ली कालीबाड़ी (बंगाली: দক্ষিণ দিল্লি কালীবাড়ি) रामकृष्ण पुरम में पहाड़ी पर स्थित मलाई मंदिर की तलहटी में माँ काली को समर्पित मंदिर है।
| ◉ दक्षिण दिल्ली का सबसे प्रसिद्ध काली मंदिर। |
| ◉ 3000 पुस्तकों का विशाल पुस्तकालय, 41 कमरों की धर्मशाला संचालित। |
देवी पाटन मंदिर @Tulsipur Uttar Pradesh
देवी पाटन मंदिर, बलरामपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर तुलसीपुर में स्थित, माँ पाटेश्वरी (दुर्गा) को समर्पित एक पूजनीय शक्ति पीठ है। इसे देवी सती के 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है।
| ◉ देवी पाटन मंदिर, 51 पवित्र शक्ति पीठों में से एक है। |
| ◉ यह मंदिर माता पाटेश्वरी देवी को समर्पित है। |
| ◉ यह भारत और नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। |
माँ देवड़ी मंदिर @Tamar Jharkhand
माँ देवड़ी मंदिर, राँची के पास सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। यह मंदिर देवी दुर्गा के ही एक रूप, माँ देवड़ी को समर्पित है।
| ◉ मुख्य देवी की मूर्ति की 16 भुजाएँ वाली हैं। |
| ◉ मनोकामना पूरी होने के लिए मंदिर के बांस पर पीले और लाल रंग के पवित्र धागे बांधते हैं। |
| ◉ मंदिर में देवी की पूजा छह दिनों तक आदिवासी पुरोहितों द्वारा की जाती है। |
श्री योगमाया मंदिर @Mehrauli, New Delhi
योगमाया मंदिर, जिसे \"जोगमाया मंदिर\" के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जो देवी योगमाया को समर्पित है।
| ◉ तोमर राजपूतों की कुलदेवी। |
| ◉ सिद्धपीठ, शक्तिपीठ, ज्ञानपीठ, ज्योतिपीठ का संयोजन। |
| ◉ माँ योगमाया का पहला मंदिर। |
| ◉ एक ही छत के नीचे करें सभी नवदुर्गाओं के दर्शन। |
काली बांह मंदिर @ Etawah Uttar Pradesh
काली बांह मंदिर, जिसे काली वाहन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के इटावा में यमुना नदी के तट पर स्थित एक प्रतिष्ठित सिद्ध पीठ है।
| ◉ काली बांह देवी काली देवी काली को समर्पित है। |
| ◉ इसे शक्ति पीठ माना जाता है। |
| ◉ मंदिर इटावा भिंड हाईवे पर मध्य प्रदेश सीमा के पास स्थित है। |
| ◉ नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर में भक्तों का विशाल जान सैलाव होता है। |
बरमानी @Jaswantnagar Uttar Pradesh
इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, भिण्ड, ग्वालियर, मैनपुरी, औरैया जनपद एवं अन्य आस-पास के क्षेत्र की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है यह सिद्धपीठ माँ ब्रह्माणी देवी मंदिर, यह जगह/मंदिर/ क्षेत्र स्वयं में ही बरमानी नाम से ही प्रसिद्ध है। शारदीय नवरात्रि 2020: 17 October
| ◉ फिरोज़ाबाद, मैनपुर और इटावा के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक बरमानी। |
| ◉ 12 गेट, 9 ग्रह, बीसा यंत्र स्थापितवास्तु। |
श्री विमलाम्बा शक्ति पीठ @Puri Odisha
श्री विमलम्बा शक्ति पीठ गोवर्धन मठ के गुरु शंकराचार्य द्वारा प्रतिस्थापन मंदिर है। इस स्थान पर माँ सती की नाभि का रूप में जाना जाता है।
| ◉ गुरु शंकराचार्य द्वारा जाग्रत श्री विमलम्बा शक्ति पीठ मंदिर। |
| ◉ गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार मठों में से एक। |
कामाख्या मंदिर @Guwahati Assam
कामाख्या शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है जो कामाख्या देवी का बहुत ही प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। यह शक्तिपीठ असम के दिसपुर के नीलांचल पर्वत पर स्थित है।
| ◉ माता शक्ति के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ। |
| ◉ उमानंद भैरव की शक्ति के साथ। |
| ◉ असम के दिसपुर के नीलांचल पर्वत पर स्थित है। |
तारापीठ @Tarapith City West Bengal
तारापीठ मंदिर, पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले में स्थित सबसे प्रमुख धार्मिक तीर्थ है। यह एक सिद्धपीठ भी है, मंदिर में माँ काली की मूर्ति की पूजा माँ तारा के रूप मे की जाती है। यहां पर सुदर्शन चक्र से छिन्न भिन्न होकर देवी सती की आंख की पुतली का बीच का तारा गिरा था। इसलिए इसका नाम तारापीठ है। इस स्थान को \"नयन तारा\" भी कहा जाता है।
| ◉ तारापीठ, माँ तारा, माँ काली, नयन तारा |
पीताम्बरा पीठ @Datia Madhya Pradesh
माँ पीताम्बरा सिद्धपीठ मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित है। यहाँ भक्तों का मेला हर समय लगता है, लेकिन नवरात्रि में माता की पूजा का विशेष फल मिलता है।
| ◉ माँ बगलामुखी की विश्व प्रसिद्ध पीठ। |
| ◉ मंदिर में माँ बगलामुखी यंत्र स्थापित हैं। |