Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

छोटे प्रयासों से, बहुत कुछ मिल जायेगा - प्रेरक कहानी (Chote Prayason Se Bahut Kuchh Mil Jayega)


Add To Favorites Change Font Size
एक आदमी समुद्रतट पर चल रहा था। उसने देखा कि कुछ दूरी पर एक युवक ने रेत पर झुककर कुछ उठाया और आहिस्ता से उसे पानी में फेंक दिया।
उसके नज़दीक पहुँचने पर आदमी ने उससे पूछा: और भाई, क्या कर रहे हो?
युवक ने जवाब दिया: मैं इन मछलियों को समुद्र में फेंक रहा हूँ।

लेकिन इन्हें पानी में फेंकने की क्या ज़रूरत है? आदमी बोला।

युवक ने कहा: ज्वार का पानी उतर रहा है और सूरज की गर्मी बढ़ रही है।अगर मैं इन्हें वापस पानी में नहीं फेंकूंगा तो ये मर जाएँगी।

आदमी ने देखा कि समुद्रतट पर दूर-दूर तक मछलियाँ बिखरी पड़ी थीं।
वह बोला: इस मीलों लंबे समुद्रतट पर न जाने कितनी मछलियाँ पड़ी हुई हैं। इसतरह कुछेक को पानी में वापस डाल देने से तुम्हें क्या मिल जाएगा? इससे क्या फर्क पड़ जायेगा?

युवक ने शान्ति से आदमी की बात सुनी, फ़िर उसने रेत पर झुककर एक और मछली उठाई और उसे आहिस्ता से पानी में फेंककर वह बोला: आपको इससे कुछ मिले न मिले, मुझे इससे कुछ मिले न मिले, दुनिया को इससे कुछ मिले न मिले। लेकिन इस मछली को सब कुछ मिल जाएगा।

यह केवल सोच का ही फर्क है। सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति को लगता है कि उसके छोटे छोटे प्रयासों से किसी को बहुत कुछ मिल जायेगा लेकिन नकारात्मक सोच के व्यक्ति को यही लगेगा कि, यह समय की बर्बादी है?

यह हम पर है कि हम कौनसी कहावत पसंद करते है...
अकेला चना भांड नहीं फोड़ सकता।
या
बूँद बूँद से ही घड़ा भरता है

हम सब आदर्शवादी और अच्छे कार्य करने की बातें करते रहते है। जैसे बिजली बचाना, सड़क पर कचरा न फेंकना, शादी समारोह अथवा अन्य आयोजनों या अपने घर में भोजन को वैस्ट न करना, ट्रेफिक नियमों का पालन करना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और बहुत कुछ। लेकिन हम में से ज्यादात्तर लोग ऐसी बातों का पालन नहीं करते। ऐसा क्यों होता है कि हम पढ़े लिखे लोग ही इन छोटी छोटी बातों का पालन नहीं करते?

सबसे ज्यादा खाना हम पढ़े लिखे लोग ही वैस्ट करते है जबकि दूसरी और भारत में रोजाना, लाखों लोग भूखे सोते है। हम पढ़े लिखे लोग ही बिजली का अपव्यय करते है जबकि भारत के हजारों गावों में अब भी बिजली नहीं है। ऐसे पढ़े लिखे लोग भी आसानी से मिल जायेंगे जिनके पास इतना भी टाइम नहीं कि वे सड़क पर पड़े हुए घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचा दे।
यह भी जानें

Prerak-kahani Fish Prerak-kahaniSee Prerak-kahaniBeach Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

साधु संगत से चोर ने चोरी छोड़ी - प्रेरक कहानी

एक डाकू था, जो लूट पाट करता था। एक बार एक गांव से धन लूटकर वो भाग रहा था कि घोड़े पर से गिर कर घायल हो गया। उसने देखा पास में ही एक साघू की कुटिया है

समाधान-वृक्ष - प्रेरक कहानी

शाम को घर में प्रवेश करते ही बच्चों को वे दोनों नाकारा होने के लिए डाँटते थे पति और बच्चों की अलग-अलग फरमाइशें पूरी करते-करते बदहवास और चिड़चिड़ी हो जाती है।

भगवान् का विनिमय प्रस्ताव - प्रेरक कहानी

एक बार एक दुःखी भक्त अपने ईश्वर से शिकायत कर रहा था। आप मेरा ख्याल नहीं रखते, मैं आपका इतना बड़ा भक्त हूँ। आपकी सेवा करता हूँ, रात-दिन आपका स्मरण करता हूँ..

पिता का आशीर्वाद - प्रेरक कहानी

मैं तुम्हें आशीर्वाद देता हूं कि, तुम जीवन में बहुत सुखी रहोगे और धूल को भी हाथ लगाओगे तो वह सोना बन जायेगी।

अंत में अनन्त संसार रूपी सागर में समा जाते है - प्रेरक कहानी

नदी में हाथी की लाश बही जा रही थी। एक कौए ने लाश देखी, तो प्रसन्न हो उठा, तुरंत उस पर आ बैठा। यथेष्ट मांस खाया। नदी का जल पिया।...

छोटे से बीज में से वटवृक्ष बनता है - प्रेरक कहानी

बात बहुत पुरानी है। एक महान संत के पास एक युवक आया और बोला- मुझे आपका शिष्य बनना है महाराज...

अपने रूप, रंग या गुण पर घमंड ना करें - प्रेरक कहानी

एक समय की बात है एक बार दांत और जीभ में भयंकर युध्द छिड़ गया।
दांत ने जीभ से कहा: अरे! तुम सिर्फ माँस के लोथड़े हो।...

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP