Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

प्रभु के लिए 1 लाख रुपये की माला - प्रेरक कहानी (Prabhu Ke Liye Ek Lac Ki Mala)


प्रभु के लिए 1 लाख रुपये की माला - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
कथा उस समय की है जब मुग़ल शासन था। एक पुजारीजी रोज ठाकुरजी के लिए फूल लेकर आते थे और उसके बाद फूलों से माला बनाते थे। और ठाकुर जी को अर्पण करते थे। एक दिन पुजारीजी फूल लेने आये तभी एक गुलाम भी फूल लेने आया तब तक फूल सारे बिक गये। बस एक ही टोकरी फूलों की बची थी।
गुलाम ने फूल वाले से कहा यह टोकरी मेरे को दे दो तब पुजारीजी भी बोले भाई यह फूलों की टोकरी मेरे को दो। तब गुलाम बोला कि पता है यह फूल जिसके लिये ले जाने है वो इस देश की बेगम है। तब पुजारीजी बोले कि मैं यह फूल इस दुनिया के बादशाह के लिये लेकर जा रहा हूँ।

गुलाम बोला अच्छा तो जो भी ज्यादा पैसे देगा वो ले जायेगा। फूलों की टोकरी थी कुल एक पैसे की तो गुलाम ने बोली लगाई - एक रुपया।
पुजारी ने दोगुनी कर दी - 2 रुपया।
तब गुलाम ने 10 रुपया बोला
तो पुजारी जी ने 100 रुपया।
गुलाम ने 1000 रुपया।
पुजारी जी ने 2 हज़ार रुपया।
गुलाम ने 50 हज़ार रुपया।
पुजारी जी ने 1 लाख बोल दिये।

गुलाम डर गया कि एक लाख रूपये की फूलों की टोकरी ले गया तो बेगम साहेबा नौकरी से तो निकालेंगी और मार अलग पड़ेगी। गुलाम ने फूल वाले को मना करके चला गया।

तब फूलवाला बोला - पुजारीजी आप एक लाख रूपये की फूल की टोकरी लेंगे या मजाक कर रहे हो, पैसे कहाँ से दोगे तब पुजारीजी बोले कि मेरे पास जो है वह आज से आपका, वह एक लाख से ज्यादा का है।

पुजारी जी ने माला बनाई और प्रभुजी को जैसे ही अर्पण की तभी ठाकुरजी ने अपना सर झुका दिया।

तब पुजारी ने कहा - आज क्या बात है प्रभुजी आज ऐसा क्यों?
तब ठाकुरजी ने कहा - आज अलग बात है।

पुजारी जी आपने मेरी माला के लिये अपना सब कुछ लूटा दिया। प्रभुजी ने कहा कि जो मेरे लिए सब कुछ लूटा देते है में उस के लिये अपना सर भी झुका देता हूँ और उसे अपना कर भक्ति प्रेम से माला-माल तो करता ही हूँ, मैं सदा के लिये उसका ही हो जाता हूँ। मैं तो भक्तन को दास भक्त मेरे मुकुट मणि ठाकुरजी तो सेवक के दास बन जाते है।

हमारे पास जो कुछ है उसे प्रभु की सेवा में अर्पण करके उनकी भक्ति व प्रेम प्राप्त कर मानव जीवन को धन्य करें।
यह भी जानें

Prerak-kahani Flower Prerak-kahaniPhool Mala Prerak-kahaniGulam Prerak-kahaniBhakt Prerak-kahani1Lac Ki Mala Prerak-kahaniPujari Prerak-kahaniDuniya Ka Raja Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

संगत ही गुण होत है, संगत ही गुण जाय: प्रेरक कहानी

संगत का प्रभाव: एक राजा का तोता मर गया। उन्होंने कहा: मंत्रीप्रवर! हमारा पिंजरा सूना हो गया। इसमें पालने के लिए एक तोता लाओ।

प्रेरक कहानी: वाह! किशोरी जी आपके नाम की कैसी अनंत महिमा है

वाह! किशोरी जी आपके नाम की कैसी अनंत महिमा है!! मुझ पर इतनी कृपा की या खुद श्रीमद्भागवत से इतना प्रेम करती हो कि रोज़ मुझ से श्लोक सुनने मे तुमको भी आनंद आता है।

गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते - प्रेरक कहानी

उन्होंने मेरे शब्दो का मान रखते हुए मेरे शिष्य पर अपनी सारी कृपा उडेल दी। इसलिए कहते है गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते।

गुरु गूंगे, गुरु बावरे, गुरु के रहिये दास! - Guru Purnima Special - प्रेरक कहानी

गुरु गूंगे गुरु बाबरे गुरु के रहिये दास, गुरु जो भेजे नरक को, स्वर्ग कि रखिये आस!

बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है - प्रेरक कहानी

ईश्वर ने जिसको ये तीन चीजें दी हैं वह कभी गरीब और निर्धन हो ही नहीं सकता। निर्धनता का विचार आदमी के मन में होता है, यह तो एक भ्रम है इसे निकाल दो।

पाप का गुरु कौन? - प्रेरक कहानी

पंडित जी कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद अपने गांव लौटे। गांव के एक किसान ने उनसे पूछा, आप हमें यह बताइए कि पाप का गुरु कौन है?...

Om Jai Jagdish Hare Aarti - Om Jai Jagdish Hare Aarti
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP