नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

प्रभु के लिए 1 लाख रुपये की माला - प्रेरक कहानी (Prabhu Ke Liye Ek Lac Ki Mala)


प्रभु के लिए 1 लाख रुपये की माला - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
कथा उस समय की है जब मुग़ल शासन था। एक पुजारीजी रोज ठाकुरजी के लिए फूल लेकर आते थे और उसके बाद फूलों से माला बनाते थे। और ठाकुर जी को अर्पण करते थे। एक दिन पुजारीजी फूल लेने आये तभी एक गुलाम भी फूल लेने आया तब तक फूल सारे बिक गये। बस एक ही टोकरी फूलों की बची थी।
गुलाम ने फूल वाले से कहा यह टोकरी मेरे को दे दो तब पुजारीजी भी बोले भाई यह फूलों की टोकरी मेरे को दो। तब गुलाम बोला कि पता है यह फूल जिसके लिये ले जाने है वो इस देश की बेगम है। तब पुजारीजी बोले कि मैं यह फूल इस दुनिया के बादशाह के लिये लेकर जा रहा हूँ।

गुलाम बोला अच्छा तो जो भी ज्यादा पैसे देगा वो ले जायेगा। फूलों की टोकरी थी कुल एक पैसे की तो गुलाम ने बोली लगाई - एक रुपया।
पुजारी ने दोगुनी कर दी - 2 रुपया।
तब गुलाम ने 10 रुपया बोला
तो पुजारी जी ने 100 रुपया।
गुलाम ने 1000 रुपया।
पुजारी जी ने 2 हज़ार रुपया।
गुलाम ने 50 हज़ार रुपया।
पुजारी जी ने 1 लाख बोल दिये।

गुलाम डर गया कि एक लाख रूपये की फूलों की टोकरी ले गया तो बेगम साहेबा नौकरी से तो निकालेंगी और मार अलग पड़ेगी। गुलाम ने फूल वाले को मना करके चला गया।

तब फूलवाला बोला - पुजारीजी आप एक लाख रूपये की फूल की टोकरी लेंगे या मजाक कर रहे हो, पैसे कहाँ से दोगे तब पुजारीजी बोले कि मेरे पास जो है वह आज से आपका, वह एक लाख से ज्यादा का है।

पुजारी जी ने माला बनाई और प्रभुजी को जैसे ही अर्पण की तभी ठाकुरजी ने अपना सर झुका दिया।

तब पुजारी ने कहा - आज क्या बात है प्रभुजी आज ऐसा क्यों?
तब ठाकुरजी ने कहा - आज अलग बात है।

पुजारी जी आपने मेरी माला के लिये अपना सब कुछ लूटा दिया। प्रभुजी ने कहा कि जो मेरे लिए सब कुछ लूटा देते है में उस के लिये अपना सर भी झुका देता हूँ और उसे अपना कर भक्ति प्रेम से माला-माल तो करता ही हूँ, मैं सदा के लिये उसका ही हो जाता हूँ। मैं तो भक्तन को दास भक्त मेरे मुकुट मणि ठाकुरजी तो सेवक के दास बन जाते है।

हमारे पास जो कुछ है उसे प्रभु की सेवा में अर्पण करके उनकी भक्ति व प्रेम प्राप्त कर मानव जीवन को धन्य करें।
यह भी जानें

Prerak-kahani Flower Prerak-kahaniPhool Mala Prerak-kahaniGulam Prerak-kahaniBhakt Prerak-kahani1Lac Ki Mala Prerak-kahaniPujari Prerak-kahaniDuniya Ka Raja Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

विष्णु अर्पण - प्रेरक कहानी

कुछ पंडितों ने एक औरत को कहा - घर में तू विष्णु जी की फोटो रख ले और रोटी खाने से पहले उनके आगे रोटी की थाली रखना कर कहना है विष्णु अर्पण..

कर्म के साथ भावनाओं का भी महत्व है - प्रेरक कहानी

एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है।..

शत्रु को मित्र कैसे बनाएं? - प्रेरक कहानी

एक राजा था। उसने एक सपना देखा। सपने में उससे एक परोपकारी साधु कह रहा था कि, बेटा! कल रात को तुम्हें एक विषैला सांप काटेगा...

जीवन मे गुरु की आवश्यकता क्यों? - प्रेरक कहानी

एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है।..

संस्कार क्या है? - प्रेरक कहानी

यह बात सुनकर बच्चे को राजा पर गुस्सा आया और माँ से बोला: माँ मैं इसका बदला लूंगा।

यह भटकाव ही इंसान को थका रहा है - प्रेरक कहानी

इंसान अपने लक्ष्य से भटक रहा है और यह भटकाव ही इंसान को थका रहा है। यह लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा है।

भरे हुए में राम को स्थान कहाँ? - प्रेरक कहानी

लोभ, लालच, ईर्ष्या, द्वेष और भली-बुरी बातों से जब दिल-दिमाग भरा रहेगा तो उसमें ईश्वर का वास कैसे होगा?

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP