Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

साधु संगत से चोर ने चोरी छोड़ी - प्रेरक कहानी (Sadhu Sangat Se Chor Ne Chori Chhodi)


साधु संगत से चोर ने चोरी छोड़ी - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
एक घड़ी आधी घड़ी, आधी की पुनि आध,
तुलसी संगत साधु की, काटे कोटि अपराध ।
एक डाकू था, जो लूट पाट करता था। एक बार एक गांव से धन लूटकर वो भाग रहा था कि घोड़े पर से गिर कर घायल हो गया। उसने देखा पास में ही एक साघू की कुटिया है, धन को जमीन मे गाढ कर वो साधु की कुटिया में गया।

साधु रात्रि भोजन हेतु ही बैठे थे। दरवाजे पर दस्तक सुन उन्होंने कहा, जो कोई भी है, अन्दर आ जाओ। डाकू अन्दर गया तो साधु ने उसे भी बैठने के लिए आसन दिया, और पहले उसके समक्ष भोजन परोसा, फिर स्वयं लिया।

साधु ने उसे भोजन प्रारम्भ करने को कहा- आप अतिथि है इसलिए आप ईश्वर सामान है, आप पहले भोजन आरंभ करे।

डाकू को आजतक किसी ने इतने सम्मान से ना कहा था और ना ही खिलाया था। डाकू ने भोजन किया।

साधु ने एक चटाई उसके लिए बिछा दी और कहा रात में आप कहां जाइएगा तो यही विश्राम कर लीजिए।

डाकू थोड़ा घायल था, तो चलने में उसे तकलीफ़ हो रही थी, जैसे ही साघु को उसके ज़ख्म का पता चला, उसका उपचार करने लगे। कुछ पत्तो को पीसकर उसका रस लेप करके एक कपड़े से उसके ज़ख्म पर बांधा। और सहारा देकर उसे चटाई पर लिटाया।

डाकू साधु की उदारता से बहुत प्रभावित हुआ, उसने कहा, बाबा आप कितने संतुष्ट और उदार व्यक्तित्व के स्वामी है। आप में दया की भावना है। क्या आपको कभी धन की लालसा नहीं होती?

साधु बोले- धन तो नश्वर है बालक, और जो चीज नष्ट हो जाए उसके लिए लालसा करना विनाश की ओर अग्रसर होना है। लालसा करनी है तो उन अनश्वर अनादि और अविनाशी ईश्वर की करो, जो एकमात्र सत्य है।

डाकू को साधु की बाते सुन खुद पर लज्जा आ रही थी, कि उसने आजतक चोरी, डाका जैसे बुरे कार्य ही किए है। फिर भी उसके जीवन में शांति और संतुष्टि नहीं है। डाकू अपने सारे अपराधों की क्षमा साधु से मांगने हेतु उनके चरणों में गिर पड़ा, और साधु को अपनी सच्चाई बतलाई। और कहा- मै आपकी उदारता से खुद की नजरो मे लज्जित हूं। आज से और अभी से सबकुछ छोड़कर एक अच्छा इंसान बनना चाहता हूं।

शब्द कीर्तन: बिसर गई सब तात पराई, जब ते साध संगत मोहे पाई !

साधु विनम्रता से बोले, भागवत गीता में स्वयं ईश्वर कहते है, यदि कोई अतिशय दुराचारी भी अनन्य भाव से मेरा भक्त होकर मुझको भजता है तो वह साधु समान मानने योग्य है।
यह भी जानें

Prerak-kahani Sadhu Prerak-kahaniDakoo Prerak-kahaniThief Prerak-kahaniChoor Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

फर्क नजरिये का..: प्रेरक कहानी

मालूम नहीं। यहां पत्थर तोड़ते - तोड़ते जान निकल रही है और इनको यह चिंता है कि यहां क्या बनेगा।

अन्तत: अन्तिम निर्णय ईश्वर ही करता है - प्रेरक कहानी

जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी।...

भक्त बडे विचित्र, उनके प्रभु उनसे भी विचित्र - सत्य कथा

एक भक्त थे कुम्भनदासजी जो गोवर्धन की तलहटी में रहते थे। एक बार की बात है कि भक्त कुम्भनदास जी भगवान श्रीनाथजी के पास गये और उन्हें जाकर देखा कि श्रीनाथजी अपना मुँह लटकाये बैठे हैं..

क्या ईश्वर में सम्पूर्ण विश्वास है - प्रेरक कहानी

एक बार, दो बहुमंजिली इमारतों के बीच, बंधी हुई एक तार पर लंबा सा बाँस पकड़े, एक कलाकार चल रहा था। उसने अपने कन्धे पर अपना बेटा बैठा रखा था। सैंकड़ों लोग दिल साधे देख रहे थे।

प्रार्थना के बाद भी भगवान नहीं सुन रहे? - प्रेरक कहानी

प्रार्थना छोड़ दोगे तो कहीं के नहीं रहोगे? प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी नहीं सुन रहे हैं? एक सेठ के घर के बाहर एक साधू महाराज खड़े होकर प्रार्थना कर रहे थे और बदले में खाने को रोटी मांग रहे थे।

साधु संगत से चोर ने चोरी छोड़ी - प्रेरक कहानी

एक डाकू था, जो लूट पाट करता था। एक बार एक गांव से धन लूटकर वो भाग रहा था कि घोड़े पर से गिर कर घायल हो गया। उसने देखा पास में ही एक साघू की कुटिया है

समाधान-वृक्ष - प्रेरक कहानी

शाम को घर में प्रवेश करते ही बच्चों को वे दोनों नाकारा होने के लिए डाँटते थे पति और बच्चों की अलग-अलग फरमाइशें पूरी करते-करते बदहवास और चिड़चिड़ी हो जाती है।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP