गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

प्रार्थना के बाद भी भगवान नहीं सुन रहे? - प्रेरक कहानी (Prarthana Ke Bad Bhi Bhagwan Nahi Sunrahe)


Add To Favorites Change Font Size
एक सेठ के घर के बाहर एक साधू महाराज खड़े होकर प्रार्थना कर रहे थे और बदले में खाने को रोटी मांग रहे थे। सेठानी काफी देर से उसको कह रही थी कि आ रही हूँ। रोटी हाथ में थी पर फिर भी कह रही थी कि रुको आ रही हूँ। साधू ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे और रोटी मांग रहे थे ।
सेठ ये सब देख रहा था पर समझ नहीं पा रहा था,
आखिर सेठानी से बोला- रोटी हाथ में लेकर खड़ी हो, वो बाहर मांग रहे हैं, उन्हें कह रही हो आ रही हूँ तो उन्हें रोटी क्यों नहीं दे रही हो?

सेठानी बोली- हाँ रोटी दूँगी, पर क्या है ना कि मुझे उनकी प्रार्थना बहुत अच्छी लग रही है, अगर उनको रोटी दे दूँगी तो वो आगे चले जायेंगे। मुझे उसकी प्रार्थना और सुननी है।

यदि प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी नहीं सुन रहे हैं तो समझना कि उस सेठानी की तरह प्रभु को आपकी प्रार्थना प्यारी लग रही है, इसलिये इंतजार करो और प्रार्थना करते रहो।

जीवन में कैसा भी दुःख और कष्ट आये पर प्रार्थना मत छोड़िए। क्या कष्ट आता है तो आप भोजन करना छोड़ देते हैं? क्या बीमारी आती है तो आप सांस लेना छोड़ देते हैं? नहीं ना? फिर जरा सी तकलीफ आने पर आप प्रार्थना करना क्यों छोड़ देते हो?

कभी भी दो चीजें मत छोड़िये। भोजन छोड़ दोगे तो जिंदा नहीं रहोगे और प्रार्थना छोड़ दोगे तो कहीं के नहीं रहोगे। सही मायने में जिंदगी में प्रार्थना और भोजन दोनों ही आवश्यक हैं।
यह भी जानें

Prerak-kahani Prayer Prerak-kahaniPrarthana Prerak-kahaniSadhu Prerak-kahaniSeth Prerak-kahaniSethani Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

श्री गणेश एवं बुढ़िया माई की कहानी

एक बुढ़िया माई थी। मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। रोज बनाए रोज गल जाए। एक सेठ का मकान बन रहा था..

गणेश चतुर्थी कथा

पक्षी बहुत दुःखी हुआ और उसने प्रतिज्ञा की कि मैं समुद्र के जल को समाप्त कर दूंगी और अपने चोंच में सागर के जल को भर भर कर फेंकने लगी ऐसा..

दद्दा की डेढ़ टिकट - प्रेरक कहानी

एक देहाती बुजुर्ग ने चढ़ने के लिए हाथ बढ़ाया। एक ही हाथ से सहारा ले डगमगाते कदमों से वे बस में चढ़े, क्योंकि दूसरे हाथ में थी भगवान गणेश की एक अत्यंत मनोहर बालमूर्ति थी।

गणेश विनायक जी की कथा - प्रेरक कहानी

एक गाँव में माँ-बेटी रहती थीं। एक दिन वह अपनी माँ से कहने लगी कि गाँव के सब लोग गणेश मेला देखने जा रहे हैं..

जब भगवान ने मुझे गोदी में बिठाया - प्रेरक कहानी

जन्म से ठीक पहले एक बालक भगवान से कहता है- प्रभु आप मुझे नया जन्म मत दीजिये, मुझे पता है पृथ्वी पर बहुत बुरे लोग रहते है

तुलसीदास जी द्वारा श्रीराम के दर्शन का उपाय - सत्य कथा

साक्षात् भगवान् श्रीराम के दर्शन करने का उपाय | उसके लिए प्रेम और भाव चाहिए, संत की कृपा चाहिए | वह व्यक्ति तुरंत पेड़ पर चढ़कर त्रिशूलपर कूद पडा..

परमात्मा या भौतिक सांसारिक प्राप्ति? - प्रेरक कहानी

भगवन् मेरे पास आपका दिया सब कुछ है। फिर भी मेरी एक ईच्छा हॆ कि जैसे आपने मुझे दर्शन देकर धन्य किया, वैसे ही मेरी सारी प्रजा को भी दर्शन दीजिये।...

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP