घबराना नहीं प्यारे एक सहारा श्याम का - भजन (Ghabrana Nahi Pyare Ek Sahara Shyam Ka)


मुश्किल दिन भी आएँगे, तू धीरज मत खोना,
अपनों को जब छूओगे, बन जाएगा माटी सोना।
पथ में घने अँधेरे हों, मन को न डराना,
राम नाम का दीप जलाकर, आगे बढ़ते जाना।
घबराना नहीं प्यारे, घबराना नहीं, प्रभु के चरणों से कभी दूर जाना नहीं।
घबराना नहीं प्यारे, घबराना नहीं, एक सहारा श्याम का, बस भूल जाना नहीं।

जग के झूठे नाते-रिश्ते, रेत की दीवारें हैं, सुख में सब अपने बनते, दुख में छोड़ किनारे हैं।
जिसको सींचा प्रेम से तूने, वो भी छूट गया रे, जिसको समझा अपना साया, वो भी रूठ गया रे।
सब माटी का खेल जगत में, सच को पहचानो, एक सहारा श्याम का सच्चा, अंतर्मन से मानो।
भक्तिभारत लिरिक्स

घबराना नहीं प्यारे, घबराना नहीं, प्रभु के चरणों से कभी दूर जाना नहीं।
घबराना नहीं प्यारे, घबराना नहीं, सच्ची भक्ति की डोरी को छोड़ना नहीं।

सूरज भी तो छिप जाता है, फिर प्रभात खिलाता है, पतझड़ के जाने से पहले, मौसम रंग सजाता है।
कष्टों की इस धूप में तपकर, कुंदन रूप निखरेगा, जब-जब तू कमजोर पड़ेगा, माधव हाथ धरेगा! माधव हाथ धरेगा...

घबराना नहीं प्यारे, घबराना नहीं, प्रभु के चरणों से कभी दूर जाना नहीं।
घबराना नहीं प्यारे, घबराना नहीं, प्रभु कृपा के साए से मुँह मोड़ना नहीं।

जो खोया वो माटी था, जो पाया वो ईश-कृपा... घबराना नहीं प्यारे... घबराना नहीं...
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