हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना - भजन (Hare Ram Hare Rama Japte The Hanumana)


हरे राम हरे रामा,
जपते थे हनुमाना,
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना ॥
जब केवट ने मुख से,
इस मंत्र के बोल पढ़े,
त्रिलोकपति आकर,
केवट की नाव चढ़े ॥

हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना,
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना ॥

इस मंत्र की महिमा को,
भिलनी ने जान लिया
रघुवर खुद घर आए,
कितना सम्मान किया ॥

हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना,
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना ॥

इस मंत्र से हनुमत ने,
सागर को पार किया,
उस कपटी रावण की,
लंका को उजाड़ दिया ॥

हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना,
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना ॥

इस मंत्र से हार गया,
रावण सा बलशाली,
इस मंत्र से तुलसी ने,
रामायण लिख डाली ॥

हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना,
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना ॥

हरे राम हरे रामा,
जपते थे हनुमाना,
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना ॥

हनुमान चालीसा | श्री हनुमान आरती | संकटमोचन अष्टक | बालाजी आरती | श्री राम स्तुति

◉ श्री हनुमंत लाल की पूजा आराधना में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और संकटमोचन अष्टक का पाठ बहुत ही प्रमुख माने जाते हैं।
Hare Ram Hare Rama Japte The Hanumana - Read in English
Hare Ram Hare Rama, Japte the Hanumana, Is Mantra Ki Mahima Ko, Sare Jag Ne Jana ॥
Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navmi BhajanHanuman Janmotsav BhajanRam Mandir Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी - भजन

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन में आ गए।

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ - भजन

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ। अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ - भजन

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू। श्रद्धा सुमन मेरा, मन बेलपत्री...

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो - भजन

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो, हर हर हर महादेव की जय हो।

मंगल गीत: हेरी सखी मंगल गावो री..

हेरी सखी मंगल गावो री, धरती अम्बर सजाओ री, चोख पुरावो, माटी रंगावो, आज मेरे पिया घर आवेंगे..