हरिद्वार जाउंगी, सखी ना लौट के आऊँगी: शिव भजन (Haridwar Jaungi Sakhi Na Laut Ke Aaungi)


सखी हरिद्वार जाउंगी,
हरिद्वार जाउंगी,
सखी ना लौट के आऊँगी,
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी हरिद्वार जाउंगी ॥
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
भोले तेरी याद में,
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
भोले तेरी याद में,
मेरे नैनन बरसे नीर,
सखी हरिद्वार जाउंगी ॥

सुंदर सलोनी सूरत पे,
दीवानी हो गई,
अब कैसे धारू धीर सखी,
सखी हरिद्वार जाउंगी,
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी हरिद्वार जाउंगी ॥

इस दुनिया के रिश्ते नाते,
सब ही तोड़ दिए,
तुझे कैसे दिखाऊं दिल चिर,
सखी हरिद्वार जाउंगी,
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी हरिद्वार जाउंगी ॥
BhaktiBharat Lyrics

नैन लड़े मेरे भोले से,
बावरी हो गई,
दुनिया से हो गई अंजानी,
सखी हरिद्वार जाउंगी,
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी हरिद्वार जाउंगी ॥





Haridwar Jaungi Sakhi Na Laut Ke Aaungi - Read in English
Sakhi Haridwar Jaungi, Haridwar Jaungi, Sakhi Na Laut Ke Aungi, Mere Uthe Virah Mein Phir, Sakhi Haridwar Jaungi ॥
Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanJyotirling BhajanShiv Vivah Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

मनोज मुंतशिर रचित भए प्रगट कृपाला दीनदयाला रीमिक्स

श्री राम जानकी कथा ज्ञान की, श्री रामायण का ज्ञान, भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । जुग-जुग से हमने पलक बिछायी, तुम्हरी राह बुहारी

जिसकी लागी रे लगन भगवान में - भजन

जिसकी लागी रे लगन भगवान में, उसका दिया रे जलेगा तूफान में।

मिल कहो गर्व से हिन्दू है हम - भजन

मिल कहो गर्व से हिन्दू है हम, यह हिन्दूस्तान हमारा, था स्वामी जी का नारा..

रोम रोम में बस हुआ है एक उसी का नाम: भजन

रोम रोम में बसा हुआ है, एक उसी का नाम, तू जपले राम राम राम, तू भजले राम राम राम

बधैया बाजे आँगने में: भजन

बधैया बाजे आँगने में, बधैया बाजे आँगने मे II चंद्रमुखी मृगनयनी अवध की, तोड़त ताने रागने में, बधैया बाजे आँगने मे..