ओ विष पीने वाले छुपा तू किधर है: शिव भजन (Oh Vish Pine Wale Chupa Tu Kidhar Hai)


मेरी जिंदगी में ग़मों का ज़हर है,
विष पीने वाले छुपा तू किधर है,
ओ विष पीने वाले छुपा तू किधर है ॥
ना तुमसा दयालु कोई और भोले,
ना तुमसा दयालु कोई और भोले,
जो ठुकरा के अमृत को पिए विष के प्याले,
लिया तीनों लोकों का भार अपने सर है,
विष पीने वाले छुपा तू किधर है,
ओ विष पीने वाले छुपा तू किधर है ॥

गरीबों का साथी ना बनता है कोई,
फ़साने भी उनके ना सुनता है कोई,
यहाँ फेर ली अपनों ने भी नजर है,
विष पीने वाले छुपा तू किधर है,
ओ विष पीने वाले छुपा तू किधर है ॥
BhaktiBharat Lyrics

बड़ी आस लेकर केतुमको पुकारा,
करदो दया मुझपे हूँ ग़म का मारा,
कहे सोनू होता ना मुझसे सबर है,
विष पीने वाले छुपा तू किधर है,
ओ विष पीने वाले छुपा तू किधर है,
मेरी जिंदगी में ग़मों का ज़हर है,
विष पीने वाले छुपा तू किधर है,
ओ विष पीने वाले छुपा तू किधर है ॥
Oh Vish Pine Wale Chupa Tu Kidhar Hai - Read in English
Mere Jindegi Mein Gamon Ka Jahar Hai, Vish Pine Wale Chupa Tu Kidhar Hai, Oh Vish Pine Wale Chupa Tu Kidhar Hai ॥
Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanJyotirling BhajanShiv Vivah Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी - भजन

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन में आ गए।

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ - भजन

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ। अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ - भजन

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू। श्रद्धा सुमन मेरा, मन बेलपत्री...

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो - भजन

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो, हर हर हर महादेव की जय हो।

मंगल गीत: हेरी सखी मंगल गावो री..

हेरी सखी मंगल गावो री, धरती अम्बर सजाओ री, चोख पुरावो, माटी रंगावो, आज मेरे पिया घर आवेंगे..