थारे बिन मैया कुण म्हारो है दादी: भजन (Thare Bin Maiya Kun Mharo Hai Dadi )


थारे बिन मैया कुण म्हारो है,
थारे बिण मैया कुण म्हारो है,
दादी थारो ही अब सहारो है,
दादी थारो ही अब सहारो है ॥
आज आओ मैया,
म्हा पे उपकार करो,
कष्ट हर लो अब सारा,
म्हारो उद्धार करो,
मैया सुनो आज अर्जी म्हारी,
करूँ आज अरदास दिल से थारी,
कोई ना म्हारो आज है,
काई से नाही आस है,
इक थारो ही है आसरो,
थारो है विश्वास है,
थारो है विश्वास है,
मनड़ो थाने ही अब पुकारयो है,
दादी थारो ही अब सहारो है,
दादी थारो ही अब सहारो है ॥

थारे दर पे म्हे आया,
मन में या आशा ल्याया,
आज तक थारी कृपा से ही,
काम सब होता आया,
माँ थारी शरण ही,
म्हे आवा हरदम,
लुटा दे तू खुशियां,
मिटा दे हर गम,
या जिंदगी की डोर मैया,
थारे ही हाथ है,
मिलेगी सारी खुशियां,
मिले जो थारो साथ है,
मिले जो थारो साथ है,
दास ‘अंकुश’ माँ थारो प्यारो है,
दादी थारो ही अब सहारो है,
दादी थारो ही अब सहारो है ॥

थारे बिन मैया कुण म्हारो है,
थारे बिण मैया कुण म्हारो है,
दादी थारो ही अब सहारो है,
दादी थारो ही अब सहारो है ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन
Thare Bin Maiya Kun Mharo Hai Dadi - Read in English
Thare Bin Maiya Kun Mharo Hai, Thare Bin Maiya Kun Mharo Hai, Dadi Tharo Hi Ab Saharo Hai, Dadi Tharo Hi Ab Saharo Hai ॥
Bhajan Maa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali BhajanDurga Puja BhajanJagran BhajanMata Ki Chauki BhajanAshtami BhajanGupt Navratri Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

नमो नमोः श्री बापूसा

माँ सच्चीया के जो अंश अवतार है, बिदासर धाम जिनका दिव्य दरबार है, कलयुग के देव करते चमत्कार है, चारो ओर हो रही इनकी जयकार है...

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं: भजन

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं । पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं ॥...

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है: भजन

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है, किस ओर तेरी मंजिल..

तुलसा कर आई चारों धाम

तुलसा कर आई चारों धाम, जाने कहां लेगी विश्राम । पहला विश्राम वाने हरिद्वार में पायो..

राधा का चितचोर कन्हैया - भजन

राधा का चितचोर कन्हैया, दाऊजी का नटखट भैया, कुञ्ज गलिन का रास रचैया, भा गया हमें भा गया, भा गया हमें भा गया ॥