वो प्यारी वो प्यारी तेरी छवि रे: कृष्ण भजन (Vo Pyari Vo Pyari Teri Chavi Re)


वो प्यारी वो प्यारी तेरी छवि रे,
छवि बेमिसाल,
वो काली कजरारी तेरी आँखे ,
माथे केसर तिलक लगा कर घुंगराले तेरे बाल,
वो प्यारी तेरी छवि रे ॥
माखन कान्हा नेक चखा दे,
बांसुरियां आज फिर सुना दे,
सोया है संसार नचादे,
पनहारी में प्रेम जगा दे,
मदन गोपाल वो प्यारी वो प्यारी तेरी छवि रे,
छवि बेमिसाल ॥

वो तेरा मटकी का गिरना,
राधा जी को खूब सजाना,
मईया के आगे इठलाना,
वृन्दावन में धूम मचाना,
जादू गरी चाल,
वो प्यारी तेरी छवि रे ॥
BhaktiBharat Lyrics

लेहरी दिल को क्या समजाओ,
हाल हुआ क्या मैं बतलाऊ,
बोल तुझे मैं कैसे मनाऊ,
हूँ जाये दीदार क्या गाउ,
प्यारे नन्द लाल,
वो प्यारी तेरी छवि रे ॥
Vo Pyari Vo Pyari Teri Chavi Re - Read in English
Vo Pyari Vo Pyari Teri Chavi Re, Chavi Bemisal, Vo Kali Kajrari Teri Ankhen, Mathe Kesar Tilak laga Kar Gungrale Tere Bal, Vo Pyari Teri Chavi Re ॥
Bhajan Shri Krishna BhajanBhrij BhajanBal Krishna BhajanLaddu Gopal BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Shyam BhajanIskcon BhajanPhagun Mela BhajanRadhashtami BhajanYashoda Laal Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हे विनय विनायक विनती करा: भजन

हे विनय विनायक विनती करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी, निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो, निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो, मन मंदिर में सत्कार करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

जय जय गणपति गौरी नंदन: भजन

जय जय गणपति गौरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु, तुम रिद्धि सिद्धि के हो दाता, हम भक्तन पर बलिहारी प्रभु, जय जय गणपति गौंरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

मेरे घर गणपति जी है आए: भजन

मेरे घर गणपति जी है आए, मेरे घर गणपति जी है आये, मैं अपने दुःख को, मैं अपने दुःख को हूँ बिसराये, वो खुशियां अपने साथ है लाए,
मेरे घर गणपति जी है आए ॥

गणपति गजवदन वीनायक: भजन

गणपति गजवदन वीनायक, थाने प्रथम मनावा जी, आना कानी मत ना करीयो, थारी किरपा चावा जी, गणपति गजवदन विनायक, थाने प्रथम मनावा जी ॥

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन: भजन

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन, खेलतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन ॥