Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

रंगनाथ अष्टकम (Ranganatha Ashtakam)


रंगनाथ अष्टकम
रंगनाथ अष्टकम की रचना श्री आदि शंकराचार्य ने की थी। श्री रंगनाथ अष्टकम श्री रंगनाथ स्वामी की स्तुति और प्रार्थना के रूप में गाया जाने वाला श्लोक है।
आनन्दरूपे निजबोधरूपे ब्रह्मस्वरूपे श्रुतिमूर्तिरूपे ।
शशाङ्करूपे रमणीयरूपे श्रीरङ्गरूपे रमतां मनो मे ॥ १॥

कावेरितीरे करुणाविलोले मन्दारमूले धृतचारुचेले ।
दैत्यान्तकालेऽखिललोकलीले श्रीरङ्गलीले रमतां मनो मे ॥ २॥

लक्ष्मीनिवासे जगतां निवासे हृत्पद्मवासे रविबिम्बवासे ।
कृपानिवासे गुणवृन्दवासे श्रीरङ्गवासे रमतां मनो मे ॥ ३॥

ब्रह्मादिवन्द्ये जगदेकवन्द्ये मुकुन्दवन्द्ये सुरनाथवन्द्ये ।
व्यासादिवन्द्ये सनकादिवन्द्ये श्रीरङ्गवन्द्ये रमतां मनो मे ॥ ४॥

ब्रह्माधिराजे गरुडाधिराजे वैकुण्ठराजे सुरराजराजे ।
त्रैलोक्यराजेऽखिललोकराजे श्रीरङ्गराजे रमतां मनो मे ॥ ५॥

अमोघमुद्रे परिपूर्णनिद्रे श्रीयोगनिद्रे ससमुद्रनिद्रे ।
श्रितैकभद्रे जगदेकनिद्रे श्रीरङ्गभद्रे रमतां मनो मे ॥ ६॥
Bhaktibharat Lyrics

स चित्रशायी भुजगेन्द्रशायी नन्दाङ्कशायी कमलाङ्कशायी ।
क्षीराब्धिशायी वटपत्रशायी श्रीरङ्गशायी रमतां मनो मे ॥ ७॥

इदं हि रङ्गं त्यजतामिहाङ्गम् पुनर्नचाङ्कं यदि चाङ्गमेति ।
पाणौ रथाङ्गं चरणेम्बु गाङ्गम् याने विहङ्गं शयने भुजङ्गम् ॥ ८॥

॥ फला श्रुति ॥

रङ्गनाथाष्टकं पुण्यम् प्रातरुत्थाय यः पठेत् ।
सर्वान् कामानवाप्नोति रङ्गिसायुज्यमाप्नुयात् ॥

॥ इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचितं श्रीरङ्गनाथाष्टकं सम्पूर्णम्॥

Ranganatha Ashtakam in English

Aananda Rupe Nijapotha Rupe, BrahmaswaRupe Sruthi Moorthy Rupe । Sasaanga Rupe Ramaniyarupe, Sri Ranga Rupe Ramathaam Manomay ॥ 1॥
यह भी जानें

Mantra Shri Vishnu MantraNarayan MantraMangalam MantraShri Hari MantraShri Ram MantraShri Krishna Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

मंत्र: णमोकार महामंत्र

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।...

भावयामि गोपालबालं

भावयामि गोपालबालं मन-स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥ कटि घटित मेखला खचितमणि घण्टिका-पटल निनदेन विभ्राजमानम् ।

दीप प्रज्वलन मंत्र: शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम्

यह दीप प्रज्वलन का मंत्र है। शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा..

श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥..

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP