श्री भरतचरित मानस कथा

कथा वाचक देवी रुक्मिणी जी द्वारा श्री भरतचरित मानस कथा का चित्रण 6 - 9 जनवरी 2017 को गुलमोहर शिवालय सेक्टर 5 वैशाली गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश पर आधारित है।
माँ तुलसी के सानिध्य मे प्रारंभ हुए रामचरित मानस के संपूर्ण भाग के भारत चरित्र को विस्तृत की गई कथा श्री भरतचरित मानस कथा।





कथा के बीच भजन, कीर्तन और संगीत को भी सुसज्जित तरीके से पिरोहित किया गया है।


देवी रुक्मिणी जी द्वारा भरत - राम मिलन का सीधा, स्वभाविक और मार्मिक दर्शन।


दैवीय संगीत पर झूमते आनंदित भक्तगण खुशी मे खुश और भावुक परिस्थिति मे भावुकता से सीधा जोड़ने की कथा वाचक का प्रयास।


भक्त का भगवान से सीधा जुड़ाव, भक्ति मे लीन सम्पूर्णता की ओर भव्य वातावरण।
अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

हिंदू पुराणों में पतिव्रता और महान महिलाएं

हिंदू पुराणों और इतिहासों में, पतिव्रता उस स्त्री को संदर्भित करती है जिसका जीवन धर्म, निष्ठा, भक्ति, त्याग और नैतिक शक्ति में निहित होता है।

नर नारायण देव गादी क्या है?

नरनारायण देव गादी, जिसका नाम नरनारायण देव के नाम पर रखा गया है।

ब्रम्हा मुहूर्त क्या होता है?

वेदों में ब्रह्म मुहूर्त को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में निद्रा त्यागने से विद्या, बुद्दि, स्वास्थ्य और बल प्राप्त होते हैं। किसी भी काम ब्रह्म मुहूर्त में शुरू करना बहुत उत्तम माना गया है।

कुल्लू का अनोखा दशहरा

कुल्लू में एक अनोखा दशहरा दशमी तिथि से शुरू होता है और अगले 7 दिनों तक चलता है। इस दशहरे में रावण कभी नहीं जलता।

ग्रहण काल ​​के दौरान सूतक क्या है?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार ग्रहण दो प्रकार के होते हैं, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण और ग्रहण से पहले का कुछ अशुभ समय सूतक के नाम से जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार सूतक के दौरान पृथ्वी का वातावरण प्रदूषित हो जाता है और किसी भी हानिकारक दुष्प्रभाव से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।