सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर, भद्राचलम को श्री सीता रामचन्द्रस्वामी वारी देवस्थानम के नाम से भी जाना जाता है - भद्राचलम भारत में भगवान राम को समर्पित सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। भद्राचलम में गोदावरी नदी के तट पर स्थित यह मंदिर दक्षिण अयोध्या के नाम से प्रसिद्ध है। भक्तों का मानना है कि भद्राचलम देवस्थानम के दर्शन से शांति, भक्ति और पारिवारिक सद्भाव और समृद्धि के लिए भगवान राम का आशीर्वाद मिलता है।
सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर, भद्राचलम के दर्शन का समय
मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है। सुबह लगभग 4:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम लगभग 3:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दर्शन किए जा सकते हैं।
सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर, भद्राचलम के प्रमुख त्यौहार
श्री राम नवमी प्रमुख त्यौहार है। मंदिर में सबसे बड़ा उत्सव भगवान राम और सीता के दिव्य विवाह का है, जिसे सीताराम कल्याणम के नाम से जाना जाता है। सीताराम कल्याणम एक अत्यंत शुभ त्यौहार है, जिसमें भक्त आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पवित्र वैकुंठ द्वार से गुजरते हैं। हर साल लाखों भक्त इस त्यौहार में शामिल होते हैं। वैकुंठ एकादशी, वसंतोत्सव और विजयदशमी जैसे अन्य त्यौहार भी धूमधाम से मनाए जाते हैं।
सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर, भद्राचलम तक कैसे पहुँचें
श्री सीता रामचन्द्रस्वामी वारी देवस्थानम - भद्राचलम तक पहुँचने के लिए, भद्राचलम राजमार्गों और राज्य परिवहन बसों द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन कोठागुडेम के पास भद्राचलम रोड रेलवे स्टेशन (बीडीसीआर) है, जो मंदिर से लगभग 40 किमी दूर है। निकटतम हवाई अड्डा विजयवाड़ा हवाई अड्डा है।
प्रचलित नाम: श्री सीता रामचन्द्रस्वामी वारी देवस्थानम, दक्षिण अयोध्या
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, सीसीटीवी सुरक्षा, जूता स्टोर, पार्किंग स्थल
धर्मार्थ सेवाएं
शयनगृह, कपड़द्वार, विश्राम कक्ष, प्रतीक्षा क्षेत्रों में बैठने की व्यवस्था, व्हीलचेयर, सहायता डेस्क